नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं के वार्षिक परीक्षा परिणामों की घोषणा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित हुई परीक्षाओं के बाद, अब लाखों छात्र और उनके अभिभावक बेसब्री से नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और डेटा प्रोसेसिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मीडिया रिपोर्टों और पिछले वर्षों के रुझानों के अनुसार, सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में जारी होने की प्रबल संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बोर्ड 12 मई से 18 मई के बीच किसी भी दिन आधिकारिक वेबसाइट पर परिणामों का लिंक सक्रिय कर सकता है। हालांकि, बोर्ड ने अभी तक किसी सटीक तारीख और समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि रिजल्ट समय पर घोषित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।
इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है ताकि त्रुटियों की संभावना को शून्य किया जा सके। बोर्ड ने इस बार “ऑन-स्क्रीन मार्किंग” (OSM) सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग किया है, जिससे शिक्षकों को अंक चढ़ाने में आसानी हुई है। इस डिजिटल अपग्रेडेशन के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार रिजल्ट पिछले वर्षों की तुलना में कुछ दिन पहले भी आ सकता है, जिससे छात्रों को कॉलेज दाखिले की प्रक्रिया शुरू करने में आसानी होगी।
रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइटों results.cbse.nic.in और cbse.gov.in पर अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज कर अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। इसके अलावा, छात्रों की डिजिटल मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट ‘डिजी लॉकर’ (DigiLocker) पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों या इंटरनेट की कमी वाले स्थानों के
छात्र एसएमएस (SMS) और आईवीआरएस (IVRS) तकनीक के माध्यम से भी अपने अंक जान सकेंगे।
छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी फर्जी तारीख या वायरल खबर से सावधान रहें। बोर्ड परिणामों की सूचना अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल और आधिकारिक वेबसाइट पर ही साझा करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष कॉम्पिटेंसी-आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक होने के कारण मेरिट और पास प्रतिशत में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

