रायपुर, 16 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नियम विरुद्ध गतिविधियों पर नकेल कसते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राधिकरण ने नया रायपुर स्थित “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” नामक विशाल परियोजना के क्रय-विक्रय और पंजीयन पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। यह कदम प्रमोटर द्वारा रेरा नियमों की अनदेखी कर बिना वैध पंजीकरण के प्रोजेक्ट का प्रचार-प्रसार करने के कारण उठाया गया है।
प्राधिकरण ने प्रकरण क्रमांक एसएम-यूआरपी-2026-03599 के तहत इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। जांच के दौरान यह पाया गया कि नया रायपुर के सेक्टर-37 में लगभग 55 एकड़ की भूमि पर प्रस्तावित इस महत्वकांक्षी परियोजना के प्रमोटर ने रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन किया है। नियमानुसार, किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को सार्वजनिक करने से पहले उसका रेरा में विधिवत पंजीयन अनिवार्य है, जिसे इस मामले में नजरअंदाज किया गया।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि प्रमोटर ने आधिकारिक पंजीकरण प्राप्त किए बिना ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर परियोजना का व्यापक विज्ञापन शुरू कर दिया था। विज्ञापनों के माध्यम से न केवल प्रोजेक्ट की लुभावनी जानकारियां साझा की गईं, बल्कि आम नागरिकों को निवेश और बुकिंग के लिए भी आमंत्रित किया गया। सीजीरेरा की निगरानी टीम ने इन गतिविधियों को नियमों के विरुद्ध पाते हुए तत्काल कार्रवाई की अनुशंसा की थी।
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रमाणित पाए जाने पर प्राधिकरण ने अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग किया है। जारी आदेश के अनुसार, इस परियोजना से संबंधित किसी भी प्रकार के भूखंड, मकान या अन्य आवासीय/व्यावसायिक इकाइयों के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्राधिकरण ने इसे एक गंभीर विषय माना है ताकि भविष्य में अन्य डेवलपर्स भी इस तरह की लापरवाही से बचें।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सीजीरेरा ने जिला पंजीयक एवं उप-पंजीयक, रायपुर को भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आगामी आदेश तक “डेला रेसकोर्स” परियोजना से जुड़े किसी भी प्रकार के विक्रय विलेख (Sale Deed) या दस्तावेजों का पंजीयन स्वीकार न किया जाए। शासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस कार्रवाई के माध्यम से प्राधिकरण ने आम निवेशकों के हितों की रक्षा करने का संदेश दिया है। सीजीरेरा ने जनता को सतर्क करते हुए सलाह दी है कि किसी भी रियल एस्टेट स्कीम में अपनी गाढ़ी कमाई लगाने से पहले संबंधित प्रोजेक्ट के रेरा पंजीकरण क्रमांक (RERA Registration Number) की पुष्टि अवश्य करें। प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर किसी भी प्रोजेक्ट की वैधता और प्रमोटर के ट्रैक रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेरा की इस सख्ती से छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी। बिना रजिस्ट्रेशन के प्रोजेक्ट लॉन्च करने वाली कंपनियों पर इस कार्रवाई का गहरा असर पड़ेगा और ग्राहकों को वित्तीय व कानूनी जोखिमों से सुरक्षा मिलेगी। फिलहाल, प्राधिकरण इस मामले में प्रमोटर के जवाब और आगे की कानूनी प्रक्रियाओं पर विचार कर रहा है।

