वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ जारी भीषण सैन्य अभियान और संभावित जमीनी कार्रवाई की तैयारियों के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है। ट्रंप प्रशासन के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख (Chief of Staff of the Army) जनरल रैंडी जॉर्ज को तुरंत इस्तीफा देने और पद छोड़ने का आदेश दिया है। जनरल जॉर्ज, जिनका कार्यकाल 2027 तक था, अपनी चार साल की जिम्मेदारी पूरी होने से एक साल पहले ही हटा दिए गए हैं। उनकी जगह अब जनरल क्रिस्टोफर ला नेवे कार्यवाहक सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे।
क्यों हटाए गए जनरल जॉर्ज?
हालांकि पेंटागन ने पद छोड़ने के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ट्रंप की सेना से जुड़ी आक्रामक योजनाओं को लागू करने में जनरल जॉर्ज की क्षमता को लेकर प्रशासन में कुछ चिंताएं थीं। रक्षा मंत्री हेगसेथ एक ऐसा नेतृत्व चाहते हैं जो राष्ट्रपति ट्रंप के ‘विजन’ और उनकी कार्यशैली के साथ पूरी तरह तालमेल बिठा सके। गौरतलब है कि जनरल जॉर्ज को जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान 2023 में नियुक्त किया गया था। वे एक अनुभवी ‘इन्फैंट्री अधिकारी’ रहे हैं, जिन्होंने 1988 में कमीशन मिलने के बाद ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म और इराक-अफगानिस्तान युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
नए कमांडर और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन का महत्व
जनरल जॉर्ज की जगह लेने वाले जनरल क्रिस्टोफर ला नेवे वर्तमान में वाइस चीफ ऑफ स्टाफ हैं और रक्षा मंत्री हेगसेथ के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। ला नेवे के पास दशकों का युद्ध अनुभव है और वे मशहूर 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडिंग जनरल भी रह चुके हैं। यह डिवीजन पैराशूट हमलों और त्वरित कार्रवाई में माहिर मानी जाती है। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल के अनुसार, ला नेवे पर प्रशासन को पूरा भरोसा है कि वे ट्रंप के विजन को बिना किसी चूक के पूरा करेंगे।
पेंटागन में ‘सफाई अभियान’
ट्रंप प्रशासन का यह कदम सेना में चल रहे एक बड़े ‘शुद्धिकरण’ का हिस्सा माना जा रहा है। हेगसेथ अब तक एक दर्जन से ज्यादा बड़े सैन्य अधिकारियों को बदल चुके हैं। इनमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन सीक्यू ब्राउन और नेवी प्रमुख लिसा फ्रैंचेटी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। हाल ही में हेगसेथ तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने एक हेलीकॉप्टर टीम के खिलाफ जांच को रोकते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था— ‘कोई सजा नहीं, कोई जांच नहीं।’
ईरान युद्ध पर प्रभाव
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका मध्य पूर्व में सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है और ट्रंप ईरान को ‘स्टोन एज’ (पाषाण युग) में वापस भेजने की चेतावनी दे चुके हैं। युद्ध के बीचों-बीच शीर्ष नेतृत्व का बदलना रणनीतिक रूप से जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल उन्हीं जनरलों के साथ आगे बढ़ेंगे जो उनकी सीधी और कठोर सैन्य नीति के समर्थक हैं।
एक नजर में जनरल रैंडी जॉर्ज का करियर:
ग्रेजुएशन: वेस्ट पॉइंट सैन्य अकादमी।
कमीशन: 1988 (इन्फैंट्री अधिकारी)।
प्रमुख युद्ध: ऑपरेशन डेजर्ट शील्ड, डेजर्ट स्टॉर्म, इराक और अफगानिस्तान युद्ध।
प्रमुख पद: रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के वरिष्ठ सहायक (2021-22) और वाइस चीफ ऑफ स्टाफ (2022-23)।

