कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर मुख्यमंत्री के तौर पर मुहर लगा दी गई है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी आलाकमान ने शुभेंदु की सांगठनिक क्षमता और जनाधार पर भरोसा जताया है। उनके साथ राज्य में दो उप-मुख्यमंत्री भी बनाए गए हैं, जिनमें आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल और कूचबिहार के कद्दावर नेता निसिथ प्रमाणिक का नाम शामिल है।
सरकार बनाने की प्रक्रिया को तेज करते हुए शुभेंदु अधिकारी आज शाम राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह बीजेपी विधायक दल का समर्थन पत्र सौंपेंगे और औपचारिक रूप से नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधायक दल की बैठक में अमित शाह के अलावा सुनील बंसल, अमित मालवीय और बिप्लब देब जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिन्होंने सर्वसम्मति से शुभेंदु के नेतृत्व को स्वीकार किया।
बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह जीत बंगाल की जनता की जीत है, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प पर विश्वास जताया है। उन्होंने भावुक होते हुए उन 321 कार्यकर्ताओं को यह जीत समर्पित की, जिन्होंने राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवाई। शाह ने जोर देकर कहा कि अब गंगा से लेकर गंगासागर तक बीजेपी की विचारधारा का शासन है और पार्टी को पूरी विनम्रता के साथ जनता की सेवा करनी होगी।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड पूरी तरह सज चुका है। शनिवार सुबह 10 बजे रबींद्र जयंती के पावन अवसर पर नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा। यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल में कोई सरकार इतने बड़े स्तर पर खुले मैदान में शपथ ले रही है। समारोह में बंगाली संस्कृति की झलक दिखेगी और रवींद्र संगीत के साथ नई सरकार की शुरुआत होगी।
इस मेगा इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और पार्टी अध्यक्ष भी मंच साझा करेंगे। बीजेपी शासित 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी निमंत्रण भेजा गया है, जिससे यह आयोजन एनडीए की एकजुटता का बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनने जा रहा है। कोलकाता की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है और लाखों समर्थकों के जुटने की उम्मीद है।
मंत्रिमंडल के गठन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी के पुराने और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। संभावित मंत्रियों की सूची में दिलीप घोष, शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता और जितेंद्र तिवारी जैसे नाम प्रमुखता से शामिल हैं। इसके अलावा युवाओं और महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रणत टुडू और नीलाद्रि शेखर जैसे चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री चुने जाने के पीछे उनका प्रशासनिक अनुभव और ममता बनर्जी के खिलाफ उनकी सीधी लड़ाई को मुख्य कारण माना जा रहा है। भवानीपुर जैसी कठिन सीट पर जीत दर्ज करने के बाद उनका कद पार्टी के भीतर काफी बढ़ गया था। पूर्व में राज्य मंत्री रह चुके शुभेंदु को बंगाल की भौगोलिक और राजनीतिक नब्ज की गहरी समझ है, जिसका लाभ बीजेपी आगामी शासन में उठाना चाहती है।
दूसरी ओर, उप-मुख्यमंत्री के रूप में अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक का चयन भी रणनीतिक है। अग्निमित्रा ने आसनसोल दक्षिण में भारी मतों से जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की है, जबकि निसिथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल में पार्टी की मजबूत पकड़ का चेहरा हैं। इन नियुक्तियों के माध्यम से बीजेपी ने दक्षिण और उत्तर बंगाल के बीच एक राजनीतिक संतुलन साधने की सफल कोशिश की है।

