चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। फिल्मी पर्दे पर दशकों तक राज करने के बाद, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के प्रमुख विजय आज सुबह 11 बजे राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। राजभवन में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार देर शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का औपचारिक न्योता दिया, जिसके बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में उत्साह का माहौल है।
विजय का यह राजनीतिक उत्कर्ष किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। महज कुछ समय पहले अपनी पार्टी का गठन करने वाले विजय ने अपनी जमीनी पकड़ और युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता के दम पर स्थापित राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़ दिए। उनकी पार्टी TVK ने हालिया विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। हालांकि, बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से कुछ दूर होने के कारण पिछले कुछ दिनों से सत्ता की चाबी को लेकर सस्पेंस बना हुआ था।
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल ने शुरुआत में विजय के दावे को दो बार स्पष्ट बहुमत न होने के कारण खारिज कर दिया था। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सरकार बनाने के लिए उन्हें 118 विधायकों के समर्थन का लिखित प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। इस दौरान राजनीतिक हलचल तेज रही, लेकिन विजय ने धैर्य बनाए रखा और अंततः गठबंधन के साथियों को एकजुट करने में सफलता हासिल की। राज्यपाल के कड़े रुख ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता को और मजबूती दी।
विजय की इस ऐतिहासिक जीत और सरकार गठन में विपक्षी दलों की भूमिका निर्णायक रही है। कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ-साथ वामपंथी दलों (CPI और CPI-M) और VCK ने भी TVK को अपना खुला समर्थन दे दिया है। इन दलों के समर्थन के साथ विजय ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस गठबंधन को राज्य में एक प्रगतिशील और समावेशी राजनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस गठबंधन को मजबूत करने के लिए पर्दे के पीछे लंबी रणनीतिक बातचीत चली थी।
शपथ ग्रहण समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी विशेष रूप से विजय को बधाई देने और गठबंधन की मजबूती दिखाने के लिए इस कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं। इसके अलावा, दक्षिण भारतीय राज्यों के कई अन्य मुख्यमंत्री और फिल्मी जगत की बड़ी हस्तियां भी चेन्नई पहुंच रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर में कड़े इंतजाम किए गए हैं।
विजय की राजनीति का मुख्य केंद्र ‘विकास’ और ‘सुधार’ रहा है। उन्होंने अपने प्रचार अभियान के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। अभिनेता से नेता बनने की उनकी इस यात्रा ने साबित कर दिया है कि जनता अब पारंपरिक राजनीति से हटकर नए और ऊर्जावान विकल्पों की तलाश में है। विशेष रूप से महिलाओं और पहली बार वोट देने वाले युवाओं ने TVK की जीत में अहम भूमिका निभाई है, जिससे राज्य की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल गई है।
दूसरी तरफ, पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। वहां सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण की खबरों ने भी राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। एक ही दिन में देश के दो बड़े राज्यों में हो रहे ये बड़े राजनीतिक बदलाव भारतीय लोकतंत्र के बदलते स्वरूप को दर्शाते हैं। सुवेंदु और विजय, दोनों ही अपने-अपने राज्यों में एक नई लहर के प्रतीक बनकर उभरे हैं, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकते हैं।
आज का दिन न केवल तमिलनाडु के लिए बल्कि भारतीय राजनीति के इतिहास में भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। एक तरफ जहां फिल्मी ग्लैमर के पीछे छिपी विजय की राजनीतिक सूझबूझ की परीक्षा होगी, वहीं दूसरी तरफ गठबंधन की सरकार को कुशलता से चलाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, चेन्नई की सड़कों पर जश्न का माहौल है और लोग अपने ‘थलपति’ को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखने के लिए पलकें बिछाए बैठे हैं।

