अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज ईरान में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए एक बेहद साहसी और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दुनिया के सामने रखेंगे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अमेरिकी समय के अनुसार दोपहर 1:00 बजे और भारतीय समयानुसार आज रात 10:30 बजे आयोजित की जाएगी। इस दौरान ट्रंप विस्तार से बताएंगे कि कैसे अमेरिकी जांबाजों ने ईरानी सीमा के भीतर घुसकर अपने एक पायलट को सुरक्षित बाहर निकाला, जो एक दुर्घटना के बाद वहां फंस गया था।
खबरों के मुताबिक, यह पूरा मिशन किसी फिल्मी पटकथा जैसा रहा। ईरान के ऊपर मार गिराए गए अमेरिकी विमान के नेविगेटर (पायलट) सिर में गंभीर चोट लगने के कारण शुरुआत में बेहोश हो गए थे। होश में आने के बाद उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और पकड़े जाने से बचने के लिए लगभग 10-12 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। उन्होंने एक ऊंचे पहाड़ी इलाके की दरार में शरण ली और वहां से अमेरिकी बेस को अपने सटीक कोऑर्डिनेट्स भेजे, जिसके बाद रेस्क्यू टीम हरकत में आई।
अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पायलट की लोकेशन से करीब 18 किलोमीटर दूर एक खेत को अपने कब्जे में लिया और उसे अस्थायी बेस बनाया। वहां दो छोटे विमान और हेलीकॉप्टर उतारे गए। हेलीकॉप्टरों ने सीधे उस दरार तक पहुंच बनाई जहां पायलट छिपा हुआ था और उसे सुरक्षित निकालकर अस्थायी बेस तक लाया गया। हालांकि, मिशन के दौरान कुछ तकनीकी चुनौतियों के कारण अमेरिकी विमान खेत में फंस गए थे, जिन्हें दुश्मन के हाथ लगने से बचाने के लिए सेना ने खुद ही नष्ट कर दिया।
इस पूरे मिशन में इजरायल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इजरायली मीडिया के अनुसार, इजरायल ने न केवल सटीक खुफिया जानकारी साझा की, बल्कि अमेरिकी टीम को ‘कवर’ देने के लिए ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम पर लगातार हमले जारी रखे। इजरायल ने रणनीतिक रूप से उस विशेष इलाके में बमबारी नहीं की जहां रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था, ताकि अमेरिकी टीम बिना किसी बाधा के अपना काम पूरा कर सके।
आज रात होने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान की धरती पर इस तरह का सफल सैन्य ऑपरेशन अमेरिका की रणनीतिक बढ़त को दर्शाता है। राष्ट्रपति ट्रंप इस सफलता के जरिए न केवल अपनी सेना का मनोबल बढ़ाएंगे, बल्कि ईरान और अन्य विरोधी देशों को अमेरिका की सैन्य क्षमता और अपने सैनिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का कड़ा संदेश भी देंगे।

