पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुए संकट के बीच, भारत सरकार ने देशवासियों को ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिलाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है और सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचें और घबराकर अनावश्यक ईंधन का भंडारण न करें।
आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने कई रणनीतिक कदम उठाए हैं। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, इसके लिए निर्यात पर सख्ती बरती जा रही है और उत्पाद शुल्क में कटौती कर कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। गैस आपूर्ति के मोर्चे पर भी राहत की खबर है; जहाँ घरेलू पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई 100% सामान्य है, वहीं औद्योगिक क्षेत्र को भी पर्याप्त गैस मिल रही है। एलपीजी की मांग को पूरा करने के लिए एक ही दिन में 55 लाख से अधिक सिलेंडरों का वितरण कर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया है।
बाजार में ईंधन की कृत्रिम कमी पैदा करने वाले जमाखोरों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रशासन ने अब तक देशभर में लगभग 2900 ठिकानों पर छापेमारी कर कालाबाजारी में शामिल लोगों पर कार्रवाई की है और भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त किए हैं। राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन का कोटा भी जारी किया गया है ताकि समाज के हर वर्ग तक ईंधन की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
वर्तमान में पोर्ट और शिपिंग ऑपरेशन सामान्य रूप से चल रहे हैं और हजारों टन एलपीजी लेकर जहाज भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है ताकि कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा न आए। सरकार ने दोहराया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

