बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ ने आंध्र प्रदेश के तट पर अपना लैंडफॉल (तट से टकराने की प्रक्रिया) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। तट से टकराने के बाद इस शक्तिशाली तूफान की तीव्रता में अब लगातार कमी दर्ज की जा रही है। जमीन पर पहुंचते ही नमी की आपूर्ति कम होने और भौगोलिक बाधाओं के कारण यह चक्रवात कमजोर पड़कर धीरे-धीरे एक गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो रहा है।
भले ही तूफान का मुख्य केंद्र कमजोर हो गया है, लेकिन इसके व्यापक प्रभाव के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में मौसम अभी भी काफी खराब बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दोनों राज्यों के लिए भारी से अति भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। समुद्र तट के पास रहने वाले लोगों को अभी भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवाती तंत्र के असर से आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम और काकीनाडा समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। वहीं, पड़ोसी राज्य ओडिशा के गंजम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मल्कानगिरी जैसे जिलों में भी लगातार तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।
प्रशासनिक स्तर पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की गई हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील और निचले इलाकों में तैनात किया गया है। एहतियात के तौर पर चक्रवात के खतरे वाले तटीय इलाकों से हजारों नागरिकों को सुरक्षित निकालकर पहले ही राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा चुका है, ताकि जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।
इस चक्रवात का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव आंतरिक भारत के कई अन्य राज्यों में भी साफ दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश और बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि नमी से भरे बादलों के आगे बढ़ने से इन राज्यों में तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहाना हुआ है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में भी इस मौसमी तंत्र का आंशिक प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में नम हवाएं पहुंचने से तापमान में थोड़ी नरमी आई है और आने वाले एक-दो दिनों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान यह मौसमी सिस्टम पूरी तरह से कमजोर होकर उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ जाएगा, जिसके बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी से कमी आएगी और मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। हालांकि, प्रशासन ने तब तक लोगों से अपील की है कि वे पानी भरने वाले रास्तों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें तथा मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट्स का पालन करें।

