अटलांटिक महासागर की यात्रा पर निकला एक लग्जरी क्रूज शिप, MV होंडियस, इस वक्त एक बड़े स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि जहाज पर चूहे के संपर्क से फैलने वाले घातक हंतावायरस (Hantavirus) का संक्रमण फैला है। इस रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आने से अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। फिलहाल, संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकने के लिए जहाज को अफ्रीकी देश केप वर्डे की राजधानी प्राया में रोक दिया गया है।
यह क्रूज यात्रा 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से शुरू हुई थी, जिसमें 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य सवार थे। नीदरलैंड के झंडे वाला यह जहाज दक्षिणी ध्रुव के बर्फीले इलाकों की यात्रा कर यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इस दुखद घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब यात्रा के दौरान एक 70 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इसके कुछ ही समय बाद, उनकी पत्नी की भी दक्षिण अफ्रीका के एक हवाई अड्डे पर उतरते ही तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। तीसरी मौत की पुष्टि केप वर्डे में हुई है, जहाँ शव को अभी भी जहाज पर ही रखा गया है।
हंतावायरस का यह प्रकोप विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी पहेली बन गया है, क्योंकि जहाज जिन रास्तों से गुजरा है वहां आमतौर पर यह वायरस नहीं पाया जाता। अर्जेंटीना के जिस बंदरगाह से यात्रा शुरू हुई थी, वहां भी हंतावायरस का कोई सक्रिय मामला नहीं था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण जहाज के भीतर ही कहीं से पैदा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि जहाज के स्टोर रूम या किसी अन्य हिस्से में मौजूद चूहों के कारण यह वायरस यात्रियों तक पहुँचा होगा, जिसकी अब गहनता से जांच की जा रही है।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, हंतावायरस चूहों या गिलहरियों के मलमूत्र और लार के संपर्क में आने से इंसानों में फैलता है। जब ये उत्सर्जित पदार्थ सूख कर धूल में मिल जाते हैं और इंसान उस हवा में सांस लेते हैं, तो वायरस फेफड़ों पर हमला कर देता है। इसे ‘पल्मोनरी सिंड्रोम’ कहा जाता है, जिसमें मरीज को तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में भारी तकलीफ होती है। यदि समय पर उपचार न मिले, तो यह बेहद कम समय में जानलेवा साबित हो सकता है।
फिलहाल, केप वर्डे के अधिकारियों ने किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दी है। पूरी शिप को क्वारंटीन कर दिया गया है और स्थानीय स्वास्थ्य दल WHO के विशेषज्ञों के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं। जहाज पर मौजूद एक डॉक्टर बीमार लोगों की देखभाल कर रहे हैं, जबकि एक मरीज की हालत अधिक गंभीर होने के कारण उसे दक्षिण अफ्रीका के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग इस बात की पुष्टि करने में जुटा है कि क्या सभी बीमार व्यक्ति एक ही वायरस से संक्रमित हैं या कोई अन्य कारण भी है।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय क्रूज पर्यटन और समुद्री सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाज का अंतिम गंतव्य स्पेन का कैनरी द्वीप था, लेकिन अब वहां तक पहुँचने की संभावना जांच और स्थिति सुधरने पर निर्भर करेगी। प्रभावित परिवारों और जहाज पर फंसे अन्य यात्रियों के लिए यह समय बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है, क्योंकि वे एक अदृश्य और घातक खतरे के बीच समुद्र के बीचों-बीच फंसे हुए हैं।

