कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए आज मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य की कुल 142 सीटों पर सुबह 7 बजे से ही मतदाता अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। सुबह 6 बजे से ही कई केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, जो बंगाल के मतदाताओं में चुनाव को लेकर भारी उत्साह को दर्शाती हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व में आज 3 करोड़ 21 लाख से अधिक मतदाता 1448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
इस चरण की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर बनी हुई है, जहाँ पूरे देश की नजरें टिकी हैं। यहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला है। 2021 के चुनावों में सुवेंदु ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम में शिकस्त दी थी, जिसके बाद इस बार भवानीपुर की जंग दोनों ही नेताओं के लिए साख का सवाल बन गई है। इनके अलावा फिरहाद हकीम, सुजीत बोस और अर्जुन सिंह जैसे दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी आज दांव पर लगी है।
चुनाव के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें से सबसे अधिक 273 कंपनियां कोलकाता में मुस्तैद हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर मतदान केंद्र की वेबकास्टिंग की जा रही है। भांगर जैसी संवेदनशील सीटों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं, जहाँ इस बार सबसे अधिक 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान शुरू होने के साथ ही प्रदेश की जनता, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से रिकॉर्ड मतदान की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल की महिला और युवा शक्ति बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को और अधिक जीवंत बनाएं। पिछले चरण में बंगाल ने 92.72% मतदान कर इतिहास रचा था, जिसे देखते हुए इस चरण में भी भारी मतदान की उम्मीद जताई जा रही है।

आंकड़ों की बात करें तो इस चरण में कुल 3,21,73,837 मतदाता हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या लगभग 1.57 करोड़ है। चुनावी मैदान में उतरे 1448 उम्मीदवारों में 220 महिलाएं शामिल हैं, जो राज्य की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती हैं। हुगली की गोगहाट सीट पर सबसे कम 5 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि भांगर में सबसे कड़ी टक्कर देखी जा रही है।
पश्चिम बंगाल के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के चुनावी नतीजे भी एक साथ 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पहले चरण की भारी वोटिंग के बाद अब दूसरे चरण का रुझान यह तय करेगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अंतिम चरण का मतदान ही राज्य की अगली सरकार की दिशा और दशा निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

