नासिक के टीसीएस बीपीओ (TCS BPO) परिसर से जुड़ा यह मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है, जिसने कॉर्पोरेट कार्यस्थल की सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे प्रकरण की शुरुआत जनवरी 2022 में हुई थी, जब पीड़िता की मुलाकात दानिश शेख नाम के युवक से हुई, जिसने पुराने कॉलेज की जान-पहचान का हवाला देकर बड़ी ही सहजता से लड़की का भरोसा जीत लिया था।
दानिश ने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी का इंजीनियर बताकर पीड़िता को भी सुनहरे भविष्य और अच्छी नौकरी का लालच दिया, जिसके कारण दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं। जुलाई 2022 के आसपास जब दानिश ने शारीरिक संबंधों की मांग की और पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने तुरंत शादी का प्रस्ताव रख दिया ताकि पीड़िता के मन में कोई संदेह न रहे।
इसी दौरान दानिश के प्रभाव में आकर पीड़िता ने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में इंटरव्यू दिया और उसका चयन भी हो गया, जहाँ दानिश पहले से ही कार्यरत था। ऑफिस जॉइन करने के बाद इस कहानी में दानिश के दोस्त तोसिफ अख्तर और निदा खान की एंट्री हुई, जो अक्सर पीड़िता के साथ कैंटीन और बाहर समय बिताने लगे थे।
धीरे-धीरे इन दोस्तों ने पीड़िता पर वैचारिक दबाव बनाना शुरू किया और वे अक्सर हिंदू धर्म की मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए अपने धर्म को श्रेष्ठ बताने की कोशिश करते थे। पीड़िता का आरोप है कि उसे मानसिक रूप से इस्लाम अपनाने के लिए तैयार किया जाने लगा और विरोध करने पर उसे अलग-थलग करने की कोशिशें की जाती थीं।
अगस्त 2024 में एक दर्दनाक मोड़ तब आया जब दानिश पीड़िता को बाहर घुमाने के बहाने एक होटल ले गया और वहाँ उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस घटना की जानकारी दानिश के दोस्त तोसिफ को भी थी, जिसने बाद में सहानुभूति दिखाने के बजाय पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
तोसिफ ने पीड़िता की मजबूरी और उसके निजी पलों का फायदा उठाते हुए खुद भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और परिवार को सब बताने की धमकी दी। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि तोसिफ ऑफिस के भीतर भी उसके साथ बेहद शर्मनाक हरकतें करता था और उसे गलत तरीके से छूकर प्रताड़ित करता था।
इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से उसकी कुछ निजी तस्वीरों का सहारा लिया और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी। मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट चुकी पीड़िता को डराया गया कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो उसका सामाजिक जीवन बर्बाद कर दिया जाएगा।
मामले का सबसे चौंकाने वाला खुलासा फरवरी 2026 में हुआ, जब पीड़िता के पास दानिश की असली पत्नी का संदेश आया। पीड़िता को तब पता चला कि जिस व्यक्ति ने उससे शादी का वादा किया था, वह न केवल पहले से शादीशुदा है बल्कि उसके दो बच्चे भी हैं और उसने चार साल तक अपनी पहचान छिपाई।
इस खुलासे ने पीड़िता को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया, क्योंकि उसे अहसास हुआ कि नौकरी से लेकर प्यार तक सब कुछ एक बड़ी और सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। दानिश ने अपनी वैवाहिक स्थिति को पूरी तरह गोपनीय रखकर पीड़िता का लगातार यौन और मानसिक शोषण किया था।

पीड़िता ने अब प्रशासन के सामने अपनी पूरी व्यथा रखते हुए न्याय की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। इस मामले के सामने आने के बाद देश भर में गुस्से का माहौल है और लोग कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनों की मांग कर रहे हैं।
वर्तमान में पुलिस इस पूरे सिंडिकेट और ब्लैकमेलिंग के जाल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कितने लोग शामिल थे। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत अपराध है, बल्कि यह कॉर्पोरेट जगत में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा नीतियों की समीक्षा करने की चेतावनी भी देती है।

