भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर वह कर दिखाया है जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी। इस सीक्वल की अपार सफलता की बदौलत पूरी फ्रेंचाइजी ने 3000 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म की इस अभूतपूर्व कामयाबी ने न केवल बॉक्स ऑफिस के पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है, बल्कि बॉलीवुड की बदलती ताकत का भी एहसास कराया है।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान निर्देशक कुणाल कोहली ने इंडस्ट्री के भीतर छिपे ‘नेगेटिव’ माहौल पर खुलकर बात की है। कोहली ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि जब ‘धुरंधर 2’ रिलीज के करीब थी, तब बॉलीवुड के कई शीर्ष निर्देशकों और विशेषज्ञों को पूरा भरोसा था कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरेगी। कोहली के अनुसार, इंडस्ट्री में बहुत से लोग फिल्म की असफलता की राह देख रहे थे।
कुणाल कोहली ने आगे बताया कि उस वक्त इंडस्ट्री के 99% लोग फिल्म के खिलाफ थे। उन्होंने कहा, “कई बड़े निर्देशकों का मानना था कि ‘धुरंधर 2’ सोमवार तक भी नहीं टिक पाएगी और दर्शक इसे पूरी तरह नकार देंगे।” इंडस्ट्री के भीतर इस तरह के अविश्वास और ‘बैकस्टैबिंग’ के बावजूद, फिल्म ने जो रफ्तार पकड़ी उसने सबको हैरान कर दिया। कोहली ने इसे उन लोगों के लिए एक करारा जवाब बताया जो फिल्म को फ्लॉप घोषित कर चुके थे।
रणवीर सिंह के लिए ‘धुरंधर 2’ उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर उभरी है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस हाई-ऑक्टेन स्पाइ थ्रिलर ने न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारी कमाई की है। फिल्म ने अकेले भारत में 1000 करोड़ रुपये (Net) का आंकड़ा पार किया, जिससे यह देश की सबसे सफल फिल्मों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गई है। दर्शकों ने फिल्म के एक्शन और कहानी को इतना पसंद किया कि यह 2026 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई।
फिल्म की सफलता का श्रेय इसके दमदार कंटेंट और दर्शकों के साथ सीधे जुड़ाव को दिया जा रहा है। कुणाल कोहली का कहना है कि ‘धुरंधर 2’ की जीत इस बात का सबूत है कि अंत में दर्शकों का फैसला ही सर्वोपरि होता है। इंडस्ट्री के भीतर की लॉबिंग और नकारात्मकता के बावजूद, अगर फिल्म में दम है, तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। इस फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि बॉलीवुड के अंदरूनी सूत्र अब बॉक्स ऑफिस का भविष्य तय नहीं कर सकते।
अब ‘धुरंधर 2’ की बदौलत यह सीरीज 3000 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली पहली हिंदी फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। इस बड़ी जीत ने बॉलीवुड में नए उत्साह का संचार किया है और आने वाले समय में बड़े बजट की एक्शन फिल्मों के लिए एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है। यह सफलता न केवल रणवीर सिंह की स्टार पावर को पुनर्स्थापित करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय सिनेमा अब हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों को टक्कर देने के लिए तैयार है।

