कन्नड़ फिल्म ‘केडी द डेविल’ के विवादित हिंदी गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर चल रहा विवाद अब गहराता जा रहा है। इसी सिलसिले में बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही गुरुवार (7 अप्रैल) को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश हुईं। आयोग ने गाने के बोल और उसके फिल्मांकन को लेकर अभिनेत्री को समन जारी किया था। बैठक के दौरान नोरा ने अपनी भूमिका पर स्पष्टीकरण देते हुए आयोग के सामने अपना पक्ष रखा और मामले की गंभीरता को देखते हुए लिखित में माफीनामा सौंपा।
नोरा फतेही ने आयोग के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि एक कलाकार के रूप में वह अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को बखूबी समझती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी समुदाय या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। अपनी इस भूल के प्रायश्चित के रूप में अभिनेत्री ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि वह सामाजिक जिम्मेदारी के तहत कुछ अनाथ लड़कियों की पूरी शिक्षा का खर्च उठाएंगी, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जा सके।
यह पूरा विवाद फिल्म ‘केडी द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर’ के हिंदी वर्जन से शुरू हुआ, जिसे 15 मार्च को यूट्यूब पर रिलीज किया गया था। गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसके आपत्तिजनक बोलों और दृश्यों को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दर्शकों का आरोप था कि यह गाना महिलाओं की गरिमा को कमतर दिखाता है। विवाद इतना बढ़ गया कि निर्माताओं को इसे यूट्यूब से हटाना पड़ा, हालांकि तब तक यह अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैल चुका था।
गौरतलब है कि इसी मामले में पिछले महीने दिग्गज अभिनेता संजय दत्त भी राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हो चुके हैं। संजय दत्त ने भी गाने के प्रस्तुतीकरण पर खेद जताते हुए लिखित माफी दी थी। उन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए 50 आदिवासी लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया और भविष्य में महिलाओं की भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा न बनने की कसम खाई। फिल्म की पूरी क्रिएटिव टीम पहले ही इस पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी है।
इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने फिल्म जगत और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी करने के संकेत दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मनोरंजन के नाम पर परोसी जाने वाली किसी भी आपत्तिजनक या अनुचित सामग्री को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग भविष्य में ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करेगा। आयोग का मानना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।
यह मामला मनोरंजन जगत के लिए एक नजीर की तरह देखा जा रहा है, जहाँ मशहूर हस्तियों को न केवल अपनी व्यावसायिक पसंद के लिए जवाबदेह ठहराया जा रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक सुधार की दिशा में कदम उठाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। फिलहाल, ‘केडी द डेविल’ के मेकर्स फिल्म के बाकी हिस्सों में बदलाव करने और विवाद को पूरी तरह शांत करने की कोशिशों में जुटे हैं।

