पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी ने अपने घोषणापत्र में समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए आर्थिक मदद और सरकारी सुविधाओं की झड़ी लगा दी है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इन “न्याय” योजनाओं के जरिए वे राज्य में टीएमसी और बीजेपी के बीच जारी सीधे मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में सफल होंगे।
घोषणापत्र जारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समाज में नफरत फैलाकर और ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि “बीजेपी नफरत की दुकान चलाती है” और कांग्रेस इस बार उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी ने विकास और सामाजिक सौहार्द को अपना मुख्य चुनावी एजेंडा बनाया है।
कांग्रेस के पांच बड़े वादों में सबसे प्रमुख ‘दुर्गा सम्मान’ योजना है, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने ₹2,000 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। इसके अलावा, किसानों को राहत देने के लिए ‘कृषक सम्मान’ योजना के तहत सालाना ₹15,000 देने की बात कही गई है। शिक्षा के क्षेत्र में ‘शिक्षा आलो’ योजना के जरिए ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई मुफ्त करने और स्वास्थ्य के लिए ₹10 लाख तक का बीमा देने का वादा पार्टी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए वादा किया है कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो एक साल के भीतर सभी सरकारी विभागों के खाली पदों को भरकर युवाओं को रोजगार की गारंटी दी जाएगी। कांग्रेस का यह कदम उन युवाओं को साधने की कोशिश है जो लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि उनका मॉडल केवल वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाले ठोस काम पर आधारित होगा।
राजनीतिक समीकरणों पर बात करते हुए कांग्रेस ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी दोनों को एक ही सिक्के के दो पहलू करार दिया है। जयराम रमेश जैसे वरिष्ठ नेताओं ने विपक्षी खेमे पर निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल एकजुट हो सकते हैं, लेकिन बंगाल की जमीन पर कांग्रेस एक नया राजनीतिक विकल्प पेश कर रही है।
चुनाव आयोग के अनुसार, बंगाल की 294 सीटों पर मतदान दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को होगी। राज्य के लगभग 6.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता 80,719 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। अब देखना यह है कि कांग्रेस के ये लोकलुभावन वादे टीएमसी के ‘लक्ष्मी भंडार’ और बीजेपी के ‘डबल इंजन’ के दावों के बीच कितना असर दिखा पाते हैं।

