दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरणों के करीब आते ही राजनीतिक हिंसा की घटनाएं तेज हो गई हैं। ताजा मामला दुर्गापुर के बांकुरा मोड़ इलाके का है, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मेगा रोड शो के समापन के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। यह झड़प इतनी हिंसक थी कि इसमें दोनों पक्षों के एक-एक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोड शो समाप्त होने के बाद दोनों दलों के समर्थक बांकुरा मोड़ के पास आमने-सामने आ गए थे। शुरुआत में केवल नारेबाजी और जुबानी जंग हो रही थी, लेकिन देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। विवाद ने कुछ ही मिनटों में हिंसक रूप ले लिया, जिसमें लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। अचानक हुई इस हिंसा से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास की दुकानें आनन-फानन में बंद हो गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस की भारी टुकड़ी मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घायलों को तुरंत दुर्गापुर सब-डिविजनल अस्पताल ले जाया गया। हिंसा की खबर फैलते ही दुर्गापुर पश्चिम से भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मण चंद्र घोरुई और टीएमसी उम्मीदवार कवि दत्ता अस्पताल पहुँचे और अपने-अपने घायल कार्यकर्ताओं का हालचाल जाना। इस दौरान अस्पताल परिसर में भी दोनों दलों के समर्थकों की मौजूदगी के कारण भारी सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा।
भाजपा ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा नेता अभिजीत दत्ता ने आरोप लगाया कि अमित शाह के रोड शो में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर टीएमसी नेतृत्व घबरा गया है और इसी हताशा में उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है। दत्ता का दावा है कि जब एक भाजपा कार्यकर्ता घर लौट रहा था, तब 8-10 टीएमसी समर्थकों ने उसे घेर लिया, उसके घर में तोड़फोड़ की और उसकी मां के साथ भी अभद्रता की। भाजपा ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है।
दूसरी ओर, इलाके में अभी भी तनाव व्याप्त है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बांकुरा मोड़ और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर दोषियों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

राजनीतिक सरगर्मी को देखते हुए भाजपा ने कड़ी चेतावनी दी है। अभिजीत दत्ता ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पूरी दुर्गापुर इकाई सड़कों पर उतरेगी और एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल की जनता इस हिंसा का जवाब चुनाव में देगी और एक महीने के भीतर राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में है। राज्य में अगले चरणों का मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होना है, जबकि चुनावी नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में दुर्गापुर की यह घटना चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन के लिए सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को और बढ़ाती नजर आ रही है। फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस की कड़ी निगरानी में है।

