दिल्ली के पॉश इलाके वसंत विहार में एक सेवारत ब्रिगेडियर और उनके परिवार के साथ हुई मारपीट की घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना 11 अप्रैल की रात की है, जब ब्रिगेडियर अपने परिवार के साथ घर के पास टहल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर शराब पी रहे कुछ युवकों को टोक दिया, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई।
घटना की शुरुआत तब हुई जब ब्रिगेडियर के बेटे तेजस ने घर के बाहर खड़ी एक मर्सिडीज कार में बैठे दो युवकों को शराब पीने से मना किया। सार्वजनिक स्थल पर इस अवैध गतिविधि का विरोध करने पर आरोपी युवक भड़क गए और बहस करने लगे। विवाद बढ़ता देख ब्रिगेडियर के परिवार ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया, जिसके बाद एक पीसीआर वैन मौके पर पहुंची।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस के आने के बाद सुरक्षा मिलने के बजाय स्थिति और बिगड़ गई। जैसे ही पुलिस मौके पर बात कर रही थी, मर्सिडीज में सवार युवकों ने फोन कर अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में दो गाड़ियों में भरकर 7-8 हमलावर वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही ब्रिगेडियर के बेटे पर हमला बोल दिया। जब ब्रिगेडियर और उनकी पत्नी ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट और बदसलूकी की गई।
ब्रिगेडियर की पत्नी नताशा ने दिल्ली पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी हिंसा पीसीआर कर्मियों के सामने होती रही, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया। मदद मांगने पर पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर लाचारी जताते हुए कहा कि वे अकेले हमलावरों को रोकने में असमर्थ हैं और अतिरिक्त टीम आने का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान हमलावर मारपीट कर आराम से मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
वारदात के बाद पीड़ित परिवार खुद कार चलाकर वसंत विहार थाने पहुंचा, लेकिन वहां भी उन्हें न्याय के बजाय टालमटोल का सामना करना पड़ा। परिवार का दावा है कि थाने में ड्यूटी ऑफिसर का व्यवहार बेहद खराब था और शिकायत दर्ज करने में घंटों की देरी की गई। हमले में घायल ब्रिगेडियर के बेटे का मेडिकल परीक्षण (MLC) तो कराया गया, लेकिन घटना के दो दिन बाद तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।
इस संवेदनशील मामले ने तब तूल पकड़ा जब सबमरीन एक्सपर्ट अशोक बिजलवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर घायल बेटे की तस्वीरें और घटना का विवरण साझा किया। उन्होंने पीसीआर वैन का नंबर और मोबाइल नंबर सार्वजनिक करते हुए पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और दिल्ली पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी।
फिलहाल, एक सेवारत वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा तंत्र की पोल खोल दी है। पीड़ित परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है और मांग कर रहा है कि उन रसूखदार हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए जिन्होंने कानून और वर्दी का खौफ छोड़कर इस कायरतापूर्ण कृत्य को अंजाम दिया। यह मामला अब सैन्य गलियारों से लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

