अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को दी गई 48 घंटे की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले एक बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा कि आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो सकता है, जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे ऐसा नहीं चाहते, लेकिन ईरान के रुख को देखते हुए अब शायद यही एकमात्र रास्ता बचा है। यह चेतावनी ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्धविराम समझौते पर सहमति जताने की समयसीमा खत्म होने के ठीक पहले आई है।
ट्रंप के बयानों में एक तरफ विनाश का संकेत था, तो दूसरी तरफ उन्होंने ईरान में हो रहे ‘शासन परिवर्तन’ की ओर भी इशारा किया। उन्होंने लिखा कि ईरान में अब पहले की तुलना में अधिक समझदार और कम कट्टर सोच वाले लोग सामने आ रहे हैं, जिससे शायद कुछ “शानदार और क्रांतिकारी” परिणाम निकल सकें। ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे (पूर्वी समय) तक का वक्त देते हुए कहा कि दुनिया आज रात इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पलों में से एक की गवाह बनेगी और ईरान में पिछले 47 सालों से चला आ रहा भ्रष्टाचार और मौत का सिलसिला आखिरकार खत्म हो जाएगा।
ट्रंप की इस अंतिम चेतावनी के बीच ही ईरान के कई शहरों से भीषण हमलों की खबरें आने लगीं। ईरान के शाहरियार शहर में एक रिहायशी इमारत पर मिसाइल गिरने से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा कराज, काशान और जंजन जैसे शहरों में रेलवे के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। काशान में हुए हमले में भी दो लोगों की जान जाने की खबर है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र ‘खर्ग द्वीप’ को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल तेज हो गई है।
ईरान ने भी अमेरिका की इन धमकियों और हमलों के सामने झुकने से इनकार कर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए 1.4 करोड़ से अधिक ईरानी नागरिक अपने प्राणों की आहुति देने का संकल्प ले चुके हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव में आकर अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा और अमेरिकी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने भी इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन उसे खत्म करना अमेरिका के हाथ में नहीं होगा। फथाली ने अमेरिका को पिछली गलतियों से सीखने की सलाह देते हुए कहा कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे को और अधिक नुकसान पहुँचाया गया, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे। दोनों देशों के बीच जारी इस ‘माइंड गेम’ और सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से भर दिया है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार रात की समयसीमा पर टिकी हैं। यदि ईरान ट्रंप की शर्तों को नहीं मानता है, तो मध्य पूर्व में एक बड़े सैन्य संघर्ष की शुरुआत हो सकती है। ट्रंप के शब्दों में, “हमें आज रात पता चल जाएगा” कि क्या क्षेत्र में शांति की कोई गुंजाइश बची है या फिर विनाश का एक नया अध्याय शुरू होने वाला है।

