अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति गहराती जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य हमला शुरू कर देगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक लहजे में ईरान को “नरक” बना देने की धमकी दी है और स्पष्ट किया है कि समझौते के लिए ईरान के पास समय खत्म होता जा रहा है।
इस चेतावनी के साथ ही ट्रम्प ने आने वाले मंगलवार को लेकर एक खतरनाक योजना का संकेत दिया है। उन्होंने मंगलवार को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि उस दिन ईरान के ऊर्जा ठिकानों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। अमेरिका पहले ही तेहरान और कराज को जोड़ने वाले मिडिल ईस्ट के सबसे ऊँचे ‘B1 हाईवे ब्रिज’ को तबाह कर चुका है, जो ईरान के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के इस 48 घंटे के अल्टीमेटम को पूरी तरह ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने अमेरिकी धमकियों को उनकी बेबसी और घबराहट का संकेत बताया है। ईरान का कहना है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है, जिसके कारण खाड़ी क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका अब अपने चरम पर पहुँच गई है। ईरान के इस कड़े रुख ने कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश को और कम कर दिया है।
इसी तनाव के बीच, अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने एक बेहद साहसी ऑपरेशन को अंजाम देकर अपने एक फाइटर जेट पायलट को सुरक्षित निकाल लिया है। ईरान के ऊपर मार गिराए गए F-15 जेट के पायलट को बचाने के लिए दर्जनों अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी सीमा के भीतर भारी गोलाबारी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस मिशन की सफलता को अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा और साहसी सर्च ऑपरेशन करार दिया है, जिससे अमेरिकी सेना के मनोबल में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
वर्तमान में पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार पर टिकी हैं, जिसे ट्रम्प ने हमले के लिए संकेतित किया है। यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर राजी नहीं होता, तो खाड़ी क्षेत्र में एक पूर्ण युद्ध छिड़ने की संभावना है। इस तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ना तय माना जा रहा है, जिससे दुनिया भर में आर्थिक संकट गहरा सकता है।

