प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरुण गांधी की इस मुलाकात ने देश के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। पिछले कुछ वर्षों से अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठाकर चर्चा में रहने वाले वरुण गांधी का पीएम से सपरिवार मिलना और उसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ करना, एक बड़े ‘पॉलिटिकल शिफ्ट’ का संकेत है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद से वे सक्रिय राजनीति से लगभग दूर थे, जिसे कई लोग उनका ‘सियासी वनवास’ मान रहे थे।
इस मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा उन्हें उत्तर प्रदेश या आगामी पश्चिम बंगाल चुनावों में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। वरुण गांधी द्वारा पीएम को “देशवासियों का सच्चा अभिभावक” बताना यह साफ करता है कि अब पुरानी कड़वाहट खत्म हो चुकी है। माना जा रहा है कि पार्टी उनके अनुभव और गांधी परिवार की विरासत का लाभ उठाने के लिए उन्हें जल्द ही राज्यसभा भेज सकती है या संगठन में किसी बड़े पद पर नियुक्त कर सकती है।

