बिलासपुर में ‘नो नंबर, नो फ्यूल’ अभियान: बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर नहीं मिलेगा ईंधन
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बढ़ते अपराधों और यातायात नियमों की अनदेखी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक बेहद सख्त और अभूतपूर्व कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देशानुसार, अब जिले के किसी भी पेट्रोल या डीजल पंप पर उन वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा जिनकी नंबर प्लेट गायब है या जिनके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की गई है। पुलिस का यह फैसला शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अपराधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से लिया गया है।
पुलिस विभाग ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस संबंध में स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि यदि कोई दोपहिया या चारपहिया वाहन बिना नंबर प्लेट के ईंधन भरवाने आता है, तो उसे तत्काल मना कर दिया जाए। इसके साथ ही, पंप संचालकों को यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि वे ऐसे संदिग्ध वाहनों और उनके चालकों की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम के विशेष नंबर 9479193099 पर दें। इससे पुलिस को संदिग्धों को मौके पर ही दबोचने में मदद मिलेगी।
इस कड़ी कार्रवाई के पीछे का मुख्य कारण हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाएं और सड़क हादसे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में हुई कई लूट, छिनतई और हिट-एंड-रन की घटनाओं में ऐसे वाहनों का उपयोग पाया गया है जिनकी नंबर प्लेट छिपाई गई थी या पूरी तरह हटा दी गई थी। नंबर प्लेट न होने के कारण सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है, जिससे अपराधी आसानी से कानून की पकड़ से बाहर निकल जाते हैं। इसी ‘लूपहोल’ को बंद करने के लिए प्रशासन ने अब ईंधन आपूर्ति पर ही रोक लगाने का निर्णय लिया है।
एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने बताया कि शहर में स्टंटबाजी और तेज रफ्तार बाइक चलाने वाले युवकों के बीच नंबर प्लेट हटाने या उसे मोड़ने का चलन बढ़ा है। कई वाहन चालक ट्रैफिक कैमरों और चालान से बचने के लिए जानबूझकर नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करते हैं। अब पेट्रोल पंपों पर लगने वाली इस पाबंदी से ऐसे तत्वों पर सीधा प्रहार होगा। पुलिस का मानना है कि जब वाहन को ईंधन ही नहीं मिलेगा, तो अपराधी और नियम तोड़ने वाले लोग सड़कों पर निकलने से कतराएंगे।
इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस विभाग जल्द ही सभी पेट्रोल पंप संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने जा रहा है। वर्तमान में, सभी थानों, चौकियों और पेट्रोलिंग टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के फ्यूल स्टेशनों का दौरा करें और उन्हें इस नियम के बारे में जागरूक करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक सलाह नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आदेश है। यदि कोई निजी या सरकारी पेट्रोल पंप संचालक इन निर्देशों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, बिलासपुर पुलिस का यह ‘क्राइम कंट्रोल’ मॉडल न केवल अपराधियों की आवाजाही को सीमित करेगा, बल्कि आम नागरिकों में भी यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाएगा। पुलिस प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए अपने वाहनों पर स्पष्ट और निर्धारित मानकों वाली नंबर प्लेट (HSRP) जरूर लगवाएं, ताकि उन्हें पेट्रोल पंपों पर किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

