चीन एक बार फिर ताइवान पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम करता नजर आ रहा है। ताइवान के आसपास और संवेदनशील इलाकों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिए हैं। इन अभ्यासों में लड़ाकू विमान, युद्धपोत और मिसाइल यूनिट्स शामिल बताई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ताइवान ने भी हालात पर नजर रखते हुए अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इन सैन्य अभ्यासों के जरिए ताइवान को मनोवैज्ञानिक दबाव में लाना चाहता है। ड्रैगन यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह किसी भी हालात में ताइवान को लेकर अपनी नीति से पीछे हटने वाला नहीं है। इसके साथ ही यह अभ्यास अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए भी एक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, जो ताइवान का समर्थन करते रहे हैं।
read also: CG में दिनदहाड़े अपहरण और हत्या, पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, फिलहाल चीन की सीधी सैन्य कार्रवाई की संभावना कम है, लेकिन लगातार सैन्य गतिविधियों के जरिए दबाव बनाना उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। आने वाले समय में कूटनीतिक बयानबाजी, सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय तनाव और तेज होने की आशंका जताई जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

