राज्य शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा प्रशासनिक कसावट और कार्यकुशलता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वन विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा जारी इस आदेश के तहत राज्यभर के 60 से अधिक सहायक वन संरक्षकों (ACF) की नई पदस्थापनाएं और तबादले किए गए हैं, जिससे मैदानी स्तर पर विभागीय कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस प्रशासनिक सूची के अनुसार कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक पदों पर अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। राम कुमार सिदार को मंडल प्रबंधक के रूप में कवर्धा परियोजना मंडल, राज्य वन विकास निगम, कवर्धा में पदस्थ किया गया है, जहां वे वानिकी विकास और परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा संभालेंगे। इसी प्रकार, विजेन्द्र सिंह ठाकुर को संवेदनशील माने जाने वाले वनमंडल बस्तर में उप वनमंडलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यालय स्तर पर भी अधिकारियों को अहम प्रशासनिक दायित्व दिए गए हैं। अमिता गुप्ता को नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्यालय में उप प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है, जो लघु वनोपज के प्रबंधन और विपणन कार्यों को गति देंगी। इसके अलावा, मोना महेश्वरी को वृत्त कार्यालय दुर्ग में संलग्नाधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्षेत्रीय स्तर पर वन संरक्षण और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई उप वनमंडलाधिकारियों के तबादले किए गए हैं। मनोज कुमार विश्वकर्मा को धमतरी वनमंडल के बिरगुड़ी उप वनमंडल की कमान सौंपी गई है, जबकि जसवीर सिंह मरावी को कांकेर वनमंडल और कुमार सिंह कंवर को कोरिया वनमंडल के अंतर्गत बैकुंठपुर का उप वनमंडलाधिकारी बनाया गया है।
राज्य के अन्य महत्वपूर्ण वन मंडलों और यूनियनों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। शिवशंकर नाविक को धमतरी वनमंडल में ही उप मंडलाधिकारी पदस्थ किया गया है। वहीं, एम. एल. सिदार को रायगढ़ जिला यूनियन का उप प्रबंध संचालक और अवधेश सिंह को सूरजपुर जिला यूनियन का उप प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है, जिससे वनोपज उत्पादकों और स्थानीय प्रबंधन को सीधा लाभ मिल सके।





