मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा, कौशल और ज्ञान के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम उठाया गया है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों में शुमार नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब छत्तीसगढ़ की राजधानी के समीप नवा रायपुर अटल नगर में अपना विशाल और अत्याधुनिक कैंपस स्थापित करने जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजना को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में संस्थान की स्थापना के लिए आधिकारिक लीज अनुबंध और भूमि की रजिस्ट्री से जुड़ी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गईं। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के संपन्न होने के साथ ही नवा रायपुर में एनएमआईएमएस के शानदार और भव्य परिसर के निर्माण का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है।
इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए देश के बड़े महानगरों की लंबी दूरियां तय न करनी पड़ें। सरकार का निरंतर यह प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को उनके अपने ही गृह राज्य में देश के शीर्ष संस्थानों के समकक्ष उच्च स्तरीय अवसर सुलभ हो सकें, और NMIMS की यह स्थापना इसी संकल्प का एक सशक्त परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज के दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत कौशल विकास और रोजगार के ढेरों अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की हर बड़ी आवश्यकता के अनुरूप तैयार करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस संस्थान के माध्यम से छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य में एक सकारात्मक और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
इस बहुप्रतीक्षित भूमि आवंटन और अनुबंध प्रक्रिया के ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के कई शीर्ष गणमान्य अधिकारी व मंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस गरिमामयी समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री चंदन कुमार ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ के विशाल भूखंड पर इस अत्याधुनिक और भव्य कैंपस को विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले प्रतिष्ठित ट्रस्ट ‘श्री विले पार्ले केलवणी मंडल’ (SVKM) को यह भूमि पूरे 90 वर्षों की लंबी लीज पर प्रदान की गई है, जिससे यह संस्थान दीर्घकालिक रूप से छत्तीसगढ़ में अपनी शैक्षणिक जड़ें मजबूत कर सके।
राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा इसी वर्ष 21 जनवरी को इस संस्थान के लिए भूमि आवंटन के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दी गई थी। इसके पश्चात, प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को बेहद तेजी और सुगमता के साथ आगे बढ़ाते हुए आज लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री का यह अहम पड़ाव सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
यद्यपि इस वृहद संस्थान की स्थापना की संपूर्ण और अंतिम संरचनात्मक प्रक्रिया को आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, किंतु प्रदेश के उत्साही विद्यार्थियों को इसका लाभ बहुत पहले ही मिलना शुरू हो जाएगा। योजना के मुताबिक, आगामी दो से तीन वर्षों के भीतर ही संस्थान का पहला शैक्षणिक सत्र व बैच प्रारंभ कर दिया जाएगा।
जब यह प्रतिष्ठित संस्थान पूरी तरह से विकसित होकर धरातल पर उतर जाएगा, तब इसकी कुल क्षमता लगभग 10,000 विद्यार्थियों के एक साथ अध्ययन करने की होगी। इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से भी बड़ी संख्या में मेधावी छात्र, शिक्षक और शोधकर्ता अध्ययन के लिए नवा रायपुर पहुंचेंगे।
NMIMS जैसे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान की उपस्थिति से नवा रायपुर अटल नगर की पहचान देश के एक उभरते हुए और प्रमुख ‘एजुकेशन एवं नॉलेज हब’ के रूप में और अधिक सशक्त होगी। यह संस्थान निश्चित तौर पर छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा इतिहास में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है।

