इटली के पर्मा शहर स्थित मैग्नानी रोक्का फाउंडेशन म्यूजियम में चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने कला जगत और सुरक्षा एजेंसियों को हैरान कर दिया है। 22 और 23 मार्च की दरमियानी रात, एक संगठित गिरोह ने बिना किसी शोर-शराबे या लंबी लड़ाई के महज तीन मिनट के भीतर म्यूजियम में सेंध लगाई। चोरों ने बड़ी चतुराई से विश्व प्रसिद्ध कलाकारों की तीन बेशकीमती पेंटिंग्स—रेनुआर की ‘फिश’, सेजान की ‘स्टिल लाइफ विद चेरीज’ और मातिस की ‘ओडालिस्क ऑन द टेरेस’ को अपना निशाना बनाया। पुलिस और विशेषज्ञों के अनुसार, इन तीनों कलाकृतियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 90 से 95 करोड़ रुपये आंकी गई है।

म्यूजियम प्रशासन का कहना है कि यह चोरी पूरी तरह से पूर्व-नियोजित और पेशेवर तरीके से की गई थी। हालांकि, चोरों की किस्मत ने उनका पूरा साथ नहीं दिया और म्यूजियम की सुरक्षा प्रणाली सक्रिय होने के कारण अलार्म बज उठा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अलार्म बजने में थोड़ी भी देरी होती, तो चोर वहां रखे ड्यूरर, रूबेन्स और मोने जैसे महान कलाकारों की अन्य बहुमूल्य कृतियों को भी साथ ले जा सकते थे। अलार्म की आवाज सुनते ही चोर म्यूजियम से सटे बगीचे के रास्ते भागने में सफल रहे, जिसकी पुष्टि पुलिस की शुरुआती जांच में हुई है।

कला जगत में इस तरह की वारदातों का बढ़ना चिंता का विषय बन गया है। यह घटना अक्टूबर 2025 में पेरिस के लूव्र म्यूजियम में हुई उस बड़ी चोरी की याद दिलाती है, जहाँ चंद मिनटों में 800 करोड़ रुपये के शाही आभूषण गायब कर दिए गए थे। इटली की यह ताज़ा वारदात साबित करती है कि अंतरराष्ट्रीय कला चोर गिरोह अब आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों को मात देने के लिए केवल चंद मिनटों की बिजली जैसी फुर्ती और सटीक प्लानिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिलहाल इटली की पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर चोरों की तलाश में जुटी है।

