दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश की राजधानी के हाई-प्रोफाइल इलाके से एक फर्जी न्यायिक अधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय सूर्या अग्रवाल और 21 वर्षीय निखिल यादव के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के रहने वाले हैं। यह गिरफ्तारी संसद मार्ग थाना पुलिस की एक टीम द्वारा उस समय की गई, जब वे नई दिल्ली क्षेत्र में संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए नियमित जांच और गश्त पर थे।
पुलिस की इस कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब उन्हें एक बिना नंबर प्लेट वाली एमजी हेक्टर कार सड़क पर दौड़ती दिखाई दी। इस संदिग्ध एसयूवी की खिड़कियों पर न केवल प्रतिबंधित काली फिल्म लगी थी, बल्कि उस पर ‘जज, उत्तर प्रदेश सरकार’ का स्टिकर भी चिपकाया गया था। गाड़ी की हालत और बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के उसे चलता देख पुलिस टीम को गहरा शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने घेराबंदी कर वाहन को रुकवाया।
तलाशी के दौरान मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस को आरोपियों के पास से हथियार बरामद हुए। निखिल यादव के पास से एक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस मिले, जबकि मुख्य आरोपी सूर्या अग्रवाल के पास से पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में खुद को घिरता देख अग्रवाल ने खुद को उत्तर प्रदेश का सिविल जज बताया और पुलिस को धौंस दिखाने की कोशिश की। उसने दावा किया कि जज होने के नाते उसे दिल्ली में हथियार ले जाने की कानूनी अनुमति प्राप्त है।
अपनी पहचान पुख्ता करने के लिए सूर्या अग्रवाल ने एक न्यायिक पहचान पत्र और एक आधिकारिक पत्र भी पेश किया, जो कथित तौर पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी किया गया था। हालांकि, जब पुलिस ने इन दस्तावेजों की गहनता से जांच और सत्यापन किया, तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस को पता चला कि पहचान पत्र और पत्र दोनों ही पूरी तरह जाली थे और उनमें डिजिटल रूप से छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी के पास मौजूद हथियार लाइसेंस भी केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित था, जो दिल्ली में मान्य नहीं था।
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एसयूवी, पिस्तौल, कुल 9 कारतूस और तमाम फर्जी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने जाली दस्तावेज कहां से तैयार करवाए थे और वे फर्जी जज बनकर दिल्ली में किस उद्देश्य से घूम रहे थे। संसद मार्ग थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

