रायपुर, 18 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक में राज्य में हाथ से मैला ढोने की प्रथा (मैनुअल स्कैवेंजिंग) को पूरी तरह समाप्त करने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति राज्य में किसी से भी जबरन या दबावपूर्वक मैनुअल स्कैवेंजिंग का कार्य करवाते हैं, उनके विरुद्ध कानून के तहत कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए। उन्होंने मानवीय गरिमा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि समाज में हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक निजी अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवारों को तत्काल हर संभव सहायता प्रदान की जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसी अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति भविष्य में किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए।
सीवरेज और टैंकों की सफाई की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए मुख्यमंत्री ने नए दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। अब से सीवरेज सफाई का कार्य केवल नगर निगमों या पंजीकृत अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ही किया जा सकेगा। इसके साथ ही, सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों और आधुनिक उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी श्रमिक की जान जोखिम में न पड़े। नगरीय निकायों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बैठक में कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि ‘मैनुअल स्कैवेंजर नियोजन प्रतिषेध अधिनियम 2013’ के तहत दोषियों को एक वर्ष का कारावास या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में प्रदेश के सभी जिलों में पुनर्सर्वेक्षण कराया गया है। राहत की बात यह है कि सभी जिला कलेक्टरों ने छत्तीसगढ़ के ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स मुक्त’ होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है, जो राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
समिति की इस बैठक में वर्ष 2018 की कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया गया और अक्टूबर 2023 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों के परिपालन में नगरीय प्रशासन विभाग की सर्वेक्षण रिपोर्ट पर चर्चा कर उसे अनुमोदित किया गया। मुख्यमंत्री ने हाथ से मैला उठाने की प्रथा के उन्मूलन के लिए पंचायत, ग्रामीण विकास और नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की सराहना की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में राज्य में मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देने और श्रमिकों के पुनर्वास की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

