रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को ध्यान में रखते हुए राज्य के आम नागरिकों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। संपत्ति पंजीयन और अन्य दस्तावेजी कार्यों में होने वाली संभावित भीड़ और असुविधा को देखते हुए शासन ने मार्च महीने के निर्धारित अवकाशों में भी सभी पंजीयन कार्यालयों को चालू रखने का निर्देश दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष के अंत में पंजीयन कार्यों का सुचारू और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना है।
जारी आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक, प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय आगामी 22 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च और 31 मार्च 2026 को सामान्य कार्यदिवसों की तरह ही संचालित होंगे। इन तिथियों में दस्तावेजों के पंजीयन से लेकर अन्य सभी संबंधित विभागीय सेवाएँ नियमित रूप से नागरिकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। सामान्यतः इन तारीखों पर साप्ताहिक या सार्वजनिक अवकाश होने के कारण दफ्तर बंद रहते, लेकिन शासन ने जनहित में इन्हें कार्यदिवस घोषित किया है।

विशेष रूप से मार्च का महीना वित्तीय लेखा-जोखा और संपत्ति संबंधी लेन-देन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अक्सर देखा गया है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के अंतिम सप्ताह में रजिस्ट्री कार्यालयों में आवेदकों की संख्या काफी बढ़ जाती है, जिससे सर्वर पर दबाव और लंबी कतारों जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। शासन की इस नई व्यवस्था से कार्यभार का वितरण समान रूप से हो सकेगा और नागरिकों को अपने लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
राज्य सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे इस विशेष सुविधा का भरपूर लाभ उठाएं। प्रशासन का कहना है कि जो लोग कार्यदिवसों में व्यस्तता के कारण कार्यालय नहीं पहुंच पाते, वे इन छुट्टियों वाले विशेष दिनों में अपने दस्तावेजों का निष्पादन करा सकते हैं। इससे न केवल अंतिम तिथि (31 मार्च) पर होने वाली अनावश्यक भीड़ कम होगी, बल्कि लोगों को मानसिक शांति के साथ अपना काम पूरा करने का अवसर भी मिलेगा।
इस निर्णय से राजस्व विभाग को भी वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी और पारदर्शिता के साथ पंजीयन प्रक्रिया को गति दी जा सकेगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित तिथियों पर पंजीयन हेतु संबंधित कार्यालयों में समय पर उपस्थित होकर इस व्यवस्था का लाभ उठाएं।

