रायपुर/कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण में बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने संयुक्त जांच दल गठित कर दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान ग्राम पंचायत कोरकोमा, खोड्डल और पटपरा की उचित मूल्य दुकानों में स्टॉक में भारी अंतर और वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोरकोमा स्थित दुकान में भारी मात्रा में खाद्यान्न की हेराफेरी की गई है। यहाँ संचालक संस्था द्वारा लगभग 197.45 क्विंटल चावल और 22.82 क्विंटल नमक का खुले बाजार में व्यपवर्तन (कालाबाजारी) किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, लगभग 435 राशन कार्डधारियों को तय समय सीमा के भीतर राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए संबंधित संचालकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है और उनके विरुद्ध कानूनी प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
इसी तरह का एक और बड़ा मामला खोड्डल की उचित मूल्य दुकान में उजागर हुआ है। यहाँ जांच दल को रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में 334.98 क्विंटल चावल और 6 क्विंटल शक्कर का अंतर मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि दुकान का संचालन नियमित रूप से नहीं किया जाता और महीने में केवल कुछ ही दिन राशन बांटा जाता है। इन शिकायतों के सही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों के तहत संचालकों पर सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विकासखंड पाली के अंतर्गत आने वाले पटपरा गांव में तो धोखाधड़ी का एक नया तरीका सामने आया। जांच में पाया गया कि दुकान संचालक ने लगभग 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (अंगूठा लगवाना) तो करवा लिया, लेकिन उन्हें वास्तव में राशन का वितरण नहीं किया गया। तकनीक का दुरुपयोग कर गरीबों का हक मारने के इस मामले को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस धोखाधड़ी के लिए दोषियों के विरुद्ध पाली थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
खाद्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मार्च 2026 के दौरान कुछ स्थानों पर वितरण में देरी के पीछे भंडारण में विलंब और एई-पीडीएस (AePDS) सर्वर का मेंटेनेंस भी एक कारण था। हालांकि, इन तकनीकी कारणों की आड़ में किए गए गबन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जिन कार्डधारियों को पिछले माह राशन नहीं मिल पाया है, उनके लिए अप्रैल माह में अतिरिक्त प्रावधान किए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द बैकलॉग वितरण पूरा किया जा सके।
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों को कड़ा संदेश दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि राशन वितरण प्रणाली में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में जिले की अन्य दुकानों की भी सघन जांच जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

