छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नए विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। विभाग द्वारा ली गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी से मुक्ति दिलाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। अब प्रदेश का कोई भी नागरिक घर बैठे ही बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेगा।
1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुई इस नई व्यवस्था के तहत, नवीन कनेक्शनों के लिए आवेदन अब केवल डिजिटल माध्यमों से ही स्वीकार किए जा रहे हैं। उपभोक्ता इसके लिए बिजली विभाग के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन ‘मोर बिजली’ ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी पंजीकरण कराया जा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आवेदनों के निराकरण में तेजी आएगी।
डिजिटल साक्षरता की कमी वाले उपभोक्ताओं का ध्यान रखते हुए विभाग ने विशेष प्रबंध किए हैं। जो आवेदक स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भरने में असमर्थ हैं और व्यक्तिगत रूप से वितरण केंद्र, जोन या उपसंभाग कार्यालय पहुंचते हैं, उनकी सहायता के लिए वहां ‘हेल्प डेस्क’ बनाई गई है। इन केंद्रों पर तैनात कनिष्ठ अभियंता (JE) या सहायक अभियंता (AE) अपने कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से आवेदक के मोबाइल नंबर का उपयोग कर आवेदन को ऑनलाइन पंजीकृत करेंगे। यानी अब किसी भी परिस्थिति में फाइल जमा करने की पुरानी भौतिक प्रक्रिया नहीं चलेगी।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने ट्रैकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया है। आवेदन जमा होने के बाद उपभोक्ता अपने मोबाइल के जरिए आवेदन की स्थिति देख सकेंगे कि फाइल किस स्तर पर लंबित है। इससे न केवल अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि आम जनता को भी यह पता रहेगा कि उनका काम कितने समय में पूरा होगा। विभाग का लक्ष्य है कि आवेदन से लेकर मीटर लगने तक की पूरी प्रक्रिया को न्यूनतम समय में पूरा किया जाए।
बिजली कंपनी के उच्च अधिकारियों ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे बिचौलियों के झांसे में न आएं और सीधे आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें। विभाग का मानना है कि 1 अप्रैल से अनिवार्य की गई यह ऑनलाइन व्यवस्था सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। अब उपभोक्ताओं को दस्तावेजों की भारी-भरकम फाइलें लेकर घंटों लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ बिजली विभाग की यह डिजिटल ‘सौगात’ उपभोक्ताओं के लिए आधुनिक और सुलभ सेवा का नया अध्याय शुरू करने वाली है। ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से दी जा रही इस सुविधा ने विभाग और जनता के बीच की दूरी को कम कर दिया है, जिससे बिजली संबंधी कार्यों में अब और भी अधिक सुगमता आने की उम्मीद है।

