छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के लिए 29 मार्च 2026 की तिथि एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रात्रि उड़ान सेवा (नाइट ऑपरेशन्स) का विधिवत लोकार्पण किया, जिससे बिलासपुर अब चौबीसों घंटे हवाई सेवा से जुड़ गया है। इस गौरवपूर्ण क्षण की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री स्वयं पहली रात्रिकालीन उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। उनके साथ विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने भी इस प्रथम ऐतिहासिक यात्रा में हिस्सा लिया, जो क्षेत्र के हवाई यातायात के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
इस सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर तकनीकी सुधार किए गए हैं। लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर (3C VFR) श्रेणी से उन्नत कर 3सी आईएफआर (3C IFR) श्रेणी में विकसित किया गया है। इस महत्वपूर्ण उन्नयन के पश्चात नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 6 फरवरी 2026 को रात में विमानों के सुरक्षित संचालन की आधिकारिक अनुमति प्रदान की थी। इस श्रेणी में आने के बाद अब खराब मौसम या कम दृश्यता में भी विमानों का आवागमन सुगमता से संभव हो सकेगा।
लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के दूरगामी लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रात्रिकालीन सेवा शुरू होने से नियमित उड़ानों के साथ-साथ अब आपातकालीन और मेडिकल फ्लाइट्स का संचालन भी रात में हो सकेगा। यह सुविधा गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। इसके साथ ही, बेहतर हवाई संपर्क से बिलासपुर संभाग में व्यापार, निवेश और पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय विकास को अभूतपूर्व गति प्राप्त होगी।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने भी अपने विचार साझा किए और बिलासपुर की इस पुरानी मांग के पूरा होने पर हर्ष व्यक्त किया। समारोह में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित संभाग और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, आईजी, कलेक्टर और एयरपोर्ट डायरेक्टर भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए यात्रियों के सुरक्षित सफर की कामना की।

