रायपुर/गुवाहाटी: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर बड़ा दावा किया है। रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि असम में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) की केवल लहर नहीं, बल्कि प्रचंड ‘सुनामी’ चल रही है। चौधरी ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों के कारण जनता एक बार फिर भारी बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजे विपक्षी दलों को चौंका देंगे।
ओपी चौधरी ने चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि वह स्वयं असम की 10 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर ‘प्रवासी प्रभारी’ के रूप में तैनात थे। इन सीटों पर माइक्रो-मैनेजमेंट और चुनावी योजना की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने अनुभव किया कि जमीन पर भाजपा के प्रति जबरदस्त उत्साह है। मंत्री चौधरी ने दावा किया कि जिन 10 सीटों का प्रभार उनके पास था, उनमें से कम से कम 9 सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने भाजपा के “मिशन 100+” के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि गठबंधन 126 में से 90 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रचेगा।
चुनावी आंकड़ों की बात करें तो असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान संपन्न हो चुका है। इस बार राज्य में रिकॉर्ड 85.64% मतदान दर्ज किया गया है, जिसे चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक बताया है। भाजपा ने जहाँ 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, वहीं उसकी सहयोगी पार्टी असम गण परिषद (AGP) 26 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इस भारी मतदान को भाजपा अपनी जन-कल्याणकारी योजनाओं और ‘प्रो-इनकंबेंसी’ का परिणाम मान रही है।
दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन ‘असम सम्मिलित मोर्चा’ भी अपनी जीत के प्रति आश्वस्त है। कांग्रेस के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे इस गठबंधन ने दावा किया है कि उच्च मतदान प्रतिशत सत्ता विरोधी लहर का संकेत है और जनता बदलाव चाहती है। हालांकि, ओपी चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता और जमीन पर किए गए सांगठनिक कार्यों ने भाजपा के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। अब सभी की निगाहें 4 मई 2026 पर टिकी हैं, जब मतगणना के साथ यह स्पष्ट होगा कि असम की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी।

