रायपुर, 15 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस भव्य सम्मेलन का आयोजन महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी और उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर है, जो महिलाओं को नीति निर्धारण के उच्चतम स्तरों तक पहुँचाएगा।
मुख्यमंत्री ने भारतीय सनातन संस्कृति का हवाला देते हुए नारी शक्ति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा में नारी का स्थान सदैव सर्वोपरि रहा है, जहाँ हम देवों से पहले देवी की आराधना करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि दशकों से लंबित महिला आरक्षण का साहसिक निर्णय वर्तमान सरकार की इच्छाशक्ति के कारण ही संभव हो सका है। श्री साय ने विश्वास जताया कि इस कानून से समाज के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।
राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रहा है। उन्होंने विशेष रूप से ‘महतारी वंदन योजना’ की सफलता का जिक्र किया, जिसके माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक संबल महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के क्षेत्रों में स्वावलंबी बना रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
प्रदेश की सुरक्षा और विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही वहां की महिलाओं के लिए विकास के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर महिलाएं पहले से ही नेतृत्व कर रही हैं, जिसका प्रमाण पंचायती राज संस्थाओं में सक्रिय 14 लाख से अधिक महिला प्रतिनिधि हैं। कार्यक्रम का मुख्य नारा “पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी—नए भारत की तैयारी” रहा, जो भविष्य की एक सशक्त तस्वीर पेश करता है।
सम्मेलन में उपस्थित महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने महिलाओं की इच्छाशक्ति को समाज बदलने का मुख्य आधार बताया। वहीं, पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने अधिनियम की तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। उन्होंने इसे 21वीं सदी का सबसे क्रांतिकारी सुधार करार दिया, जिससे राजनीति का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने पुष्प वर्षा कर उपस्थित मातृशक्ति का अभिनंदन किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री बृजमोहन अग्रवाल, पद्मश्री ऊषा बारले, और प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी नीता डोंगरे सहित कई विधायक और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। सम्मेलन ने न केवल सरकारी उपलब्धियों का जश्न मनाया, बल्कि भविष्य के भारत में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका के लिए एक ठोस रूपरेखा भी प्रस्तुत की।

