छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य सरकार ने महज 48 घंटे के भीतर अपने ही एक बड़े तबादला आदेश में संशोधन कर दिया। 6 मई को जारी की गई जंबो ट्रांसफर लिस्ट, जिसमें 42 आईएएस अधिकारियों के फेरबदल की बात कही गई थी, उसे आंशिक रूप से बदलते हुए सरकार ने नया आदेश जारी किया है। इस अचानक हुए बदलाव ने न केवल अधिकारियों को चौंका दिया है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
इस नए आदेश का सबसे चौंकाने वाला पहलू आईएएस अधिकारी पुष्पा साहू से जुड़ा है। 2012 बैच की अधिकारी पुष्पा साहू को दो दिन पहले ही कोरिया जिले के कलेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, कार्यभार संभालने से पहले ही सरकार ने अपना फैसला पलट दिया और उन्हें पुनः माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव पद पर पदस्थ कर दिया। प्रशासनिक दृष्टि से किसी जिले के कलेक्टर की नियुक्ति को इतनी जल्दी निरस्त करना एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है।
पुष्पा साहू के स्थान पर अब 2016 बैच की आईएएस अधिकारी रोक्तिमा यादव को कोरिया जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, शासन ने 2019 बैच की आईएएस रीता यादव को भी नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें उच्च शिक्षा विभाग का आयुक्त बनाया गया है, साथ ही वे राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगी। इन नियुक्तियों के माध्यम से सरकार शिक्षा विभाग के ढांचे को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि 6 मई को हुए बड़े फेरबदल में राज्य के सात जिलों के कलेक्टर बदले गए थे। इतनी बड़ी सूची के बाद इस तरह का ‘सुधार आदेश’ आना यह संकेत देता है कि सरकार फीडबैक और क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर काफी गंभीर है। हालांकि, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस नए आदेश में बदलाव के पीछे के कारणों का कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसे लेकर कयासों का दौर जारी है।
वर्तमान में इन बदलावों को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए जिलों में पदस्थ किए गए ये अधिकारी शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने में कितने सफल साबित होते हैं। फिलहाल, कोरिया जिले में कलेक्टर की अदला-बदली और शिक्षा विभाग में हुई इन नियुक्तियों ने शासन की सक्रियता को स्पष्ट कर दिया है।


