केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के मद्देनजर उत्पन्न गंभीर स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर बातचीत कर हालात का जायजा लिया और राज्यों की तैयारियों की जानकारी ली। गृह मंत्री ने प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
इस आपदा से निपटने के लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और राज्य के एसडीआरएफ (SDRF) के कई दलों को संवेदनशील और प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है, जो युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके लिए भोजन व चिकित्सा जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही और जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन ने निचले इलाकों को पूरी तरह खाली करा लिया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
इस चक्रवात का असर छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी समेत कई अन्य पड़ोसी राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है और कई जिलों में लगातार हो रही बारिश व खराब मौसम के चलते स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है। फसलों के नुकसान और जलभराव की आशंका को देखते हुए कृषि और आपदा प्रबंधन विभाग भी अपनी नजर बनाए हुए हैं।
तूफान के थमने के बाद नुकसान के सटीक आकलन के लिए केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (IMCT) को प्रभावित राज्यों में भेजा जाएगा। यह टीमें ग्राउंड जीरो पर जाकर क्षति का जायजा लेंगी ताकि राहत पैकेज और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

