छत्तीसगढ़ की राजनीति और कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव के संकेतों के बीच, अंबिकापुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष पद को संभालने की अपनी इच्छा व्यक्त कर दी है। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पार्टी हाईकमान उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपता है, तो वे इसे पूरी तरह स्वीकार करने और संगठन की सेवा करने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
सिंहदेव ने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती के लिए ‘सामूहिक नेतृत्व’ का मंत्र दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए सभी नेताओं और छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में पिरोना अनिवार्य है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि वे अध्यक्ष बनते हैं, तो उनकी प्राथमिकता गुटबाजी को खत्म कर सबको साथ लेकर चलने की होगी, ताकि कार्यकर्ताओं के बीच भेदभाव कम से कम रहे। सिंहदेव का मानना है कि संगठन के हर स्तर पर संवाद और समन्वय की कमी को दूर करना ही जीत की पहली सीढ़ी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सिंहदेव का यह संकेत ऐसे समय पर आया है जब छत्तीसगढ़ कांग्रेस को एक अनुभवी और सर्वमान्य चेहरे की तलाश है। विधानसभा चुनाव के बाद से संगठन के भीतर मचे उथल-पुथल को शांत करने के लिए सिंहदेव एक सशक्त विकल्प माने जा रहे हैं। उनके इस बयान के बाद अब सबकी निगाहें कांग्रेस आलाकमान के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या पार्टी उन पर दांव लगाकर आगामी चुनौतियों का सामना करने की रणनीति बनाएगी।
इसी बीच, महिला कांग्रेस के मोर्चे पर भी एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस (AIMC) की अध्यक्ष अलका लांबा ने संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा को छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। बता दें कि राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम के इस्तीफे के बाद से यह पद खाली पड़ा था, जिसे भरने के लिए पार्टी ने एक सक्रिय महिला विधायक पर भरोसा जताया है।
संगीता सिन्हा की यह नियुक्ति आगामी रणनीतियों और महिला विंग की मजबूती को ध्यान में रखते हुए की गई है। जारी आदेश के अनुसार, वे स्थायी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक इस पद की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगीता सिन्हा के आने से महिला कांग्रेस में नई ऊर्जा का संचार होगा और उनका मुख्य फोकस संगठन को जमीनी यानी बूथ स्तर तक ले जाकर सक्रिय करना होगा।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ कांग्रेस इस समय व्यापक फेरबदल के दौर से गुजर रही है। एक ओर टीएस सिंहदेव जैसे कद्दावर नेता की प्रदेश अध्यक्ष बनने की तैयारी और दूसरी ओर महिला कांग्रेस में संगीता सिन्हा की ताजपोशी, यह साफ दर्शाती है कि पार्टी अब नए तेवर और कलेवर के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन बदलावों का छत्तीसगढ़ की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

