छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक सुखद खबर सामने आई है, जहाँ राज्य सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता का उपयोग कर ग्राम मझगंवा की श्रीमती हेमा सिंग ने अपनी गरीबी को मात दी है। कभी आर्थिक तंगी के साये में जीने वाली हेमा आज न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा केंद्र बन गई हैं।
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक स्वावलंबन को सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार का संकल्प है कि इस राशि के माध्यम से महिलाएं परिवार के निर्णयों में अपनी भूमिका सुदृढ़ कर सकें और छोटे-मोटे खर्चों के लिए उन्हें किसी और पर निर्भर न रहना पड़े।
हेमा सिंग की कहानी इस योजना की सफलता का सबसे सटीक उदाहरण है। हेमा को जब योजना के तहत प्रति माह ₹1000 मिलने शुरू हुए, तो उन्होंने इसे साधारण खर्च समझकर गँवाने के बजाय एक निवेश के अवसर के रूप में देखा। उन्होंने संयम के साथ इस राशि की बचत की और अपने घर के पास ही एक छोटा सा किराना स्टोर खोल लिया। उनकी यह छोटी सी शुरुआत आज एक सफल व्यवसाय का रूप ले चुकी है।
धीरे-धीरे हेमा की दुकान गांव में लोकप्रिय हो गई और उनकी आय में स्थिरता आने लगी। आज इस किराना स्टोर के माध्यम से होने वाली कमाई ने उनके परिवार के जीवन स्तर को पूरी तरह बदल दिया है। हेमा अब न केवल अपने घर का खर्च बखूबी चला रही हैं, बल्कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला पा रही हैं। उनके चेहरे पर अब भविष्य की चिंता के बजाय आत्मनिर्भरता की चमक और गहरा आत्मविश्वास साफ झलकता है।
अपनी इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए हेमा सिंग ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस योजना ने उन्हें वह संबल प्रदान किया, जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी। उनके अनुसार, महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर समाज में एक नई पहचान दिलाई है और उन्हें अहसास कराया है कि महिलाएं भी अपने दम पर व्यवसाय खड़ा कर सकती हैं।
महतारी वंदन योजना के ऐसे सकारात्मक परिणाम प्रदेश के कोने-कोने से सामने आ रहे हैं। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक मजबूती दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही है। हेमा सिंग जैसी हजारों महिलाएं आज इस योजना के माध्यम से सशक्त होकर छत्तीसगढ़ को ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के सपने की ओर ले जा रही हैं।

