छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीणों के लिए वास्तविक रूप में वरदान साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहाँ एक ग्रामीण महिला को आवेदन करते ही कुछ ही समय के भीतर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल गया।
शिविर के दौरान ग्राम मोहतरा निवासी कौशिल्या साहू अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर पहुँची थीं। जैसे ही उन्होंने आयुष्मान कार्ड के लिए अपना आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया, संबंधित विभाग की टीम ने अभूतपूर्व सक्रियता दिखाई। अधिकारियों ने बिना किसी देरी के मौके पर ही उनकी पात्रता की जाँच की और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण किया।
प्रशासन की चुस्ती का आलम यह रहा कि आवेदन के कुछ ही मिनटों बाद कार्ड का प्रिंट निकालकर हितग्राही कौशिल्या साहू को सौंप दिया गया। अपनी आँखों के सामने इतनी तेजी से काम होता देख कौशिल्या की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तत्काल कार्ड मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अपने परिवार के लिए एक बड़ी राहत और भविष्य के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी बताया।
इस अवसर पर कौशिल्या साहू ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पहले छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से अब सरकार खुद ग्रामीणों के द्वार तक आ रही है। उन्होंने इस त्वरित सुविधा और जन-हितैषी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
मोहतरा में आयोजित इस शिविर ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाया जा सकता है। मौके पर समाधान मिलने से न केवल लाभार्थियों का समय बच रहा है, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो रही है। ग्रामीणों के बीच इस व्यवस्था की व्यापक सराहना हो रही है, क्योंकि उन्हें अब अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय नहीं दौड़ना पड़ रहा है।
जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से मिल रहे इन त्वरित परिणामों ने शासन-प्रशासन के प्रति आम नागरिकों के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता आई है और यह सुनिश्चित हो रहा है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो।
वर्तमान में सुशासन की यह नई मिसाल प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इसी तरह की संवेदनशीलता के साथ शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि “अंत्योदय” के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके और हर पात्र व्यक्ति को मौके पर ही लाभान्वित किया जा सके।

