4 मई (सोमवार) को होने वाली मतगणना से ठीक 18 घंटे पहले मुंबई सट्टा बाजार ने अपनी अंतिम भविष्यवाणी जारी कर दी है। इस सट्टा बाजार के आंकड़ों ने कई राजनीतिक दलों की रातों की नींद उड़ा दी है। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए मतदान के बाद अब सबकी निगाहें कल सुबह 8 बजे खुलने वाले पिटारे पर टिकी हैं। सट्टा बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार के परिणाम न केवल चौंकाने वाले होंगे, बल्कि देश की राजनीति में नए चेहरों और समीकरणों को जन्म देंगे।
सबसे अधिक चर्चा पश्चिम बंगाल की हो रही है, जहाँ ममता बनर्जी की सत्ता पर पहली बार गंभीर संकट मंडरा रहा है। सट्टा बाजार के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में 175 से 185 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त कर सकती है। यदि यह अनुमान सच साबित होता है, तो बंगाल में दशकों बाद एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू होगा। वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी 127-132 सीटों पर सिमटती दिख रही है, जो दीदी के समर्थकों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
असम में स्थिति बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। यहाँ हिमंता बिस्वा सरमा का जादू एक बार फिर चलता दिख रहा है। सट्टा बाजार की भविष्यवाणी है कि बीजेपी राज्य की 126 सीटों में से 85-92 सीटें जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। असम में कांग्रेस की स्थिति काफी कमजोर बताई जा रही है और उसे महज 34-38 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। यह परिणाम हिमंता बिस्वा सरमा के बढ़ते कद और उनकी प्रशासन शैली पर जनता की मुहर के रूप में देखा जा रहा है।
तमिलनाडु का मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प हो गया है। यहाँ सट्टा बाजार एम.के. स्टालिन की डीएमके (DMK) की वापसी की संभावना जता रहा है, जिसे 145-155 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, इस चुनाव में सबसे बड़ा ‘एक्स-फैक्टर’ अभिनेता विजय की पार्टी TVK बनकर उभरी है। कुछ सर्वे और सट्टा बाजार के रेट्स के अनुसार, विजय की पार्टी 7 से 9 सीटें जीत सकती है, लेकिन उनकी रैलियों में उमड़ी भीड़ ने एआईएडीएमके (AIADMK) के वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की है, जो महज 45-65 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

केरल से कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर आती दिख रही है। पिछले 10 वर्षों से सत्ता पर काबिज वामपंथी एलडीएफ (LDF) सरकार के खिलाफ जनता का मूड बदलता नजर आ रहा है। सट्टा बाजार के मुताबिक, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) गठबंधन 78-85 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी कर सकता है। वहीं, एलडीएफ को 56-66 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी भी यहाँ 2-3 सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती है।
पुडुचेरी जैसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश में भी मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है। यहाँ 30 सीटों वाली विधानसभा के लिए एनडीए (NDA) और इंडिया ब्लॉक के बीच ‘नेक-टू-नेक’ फाइट देखी जा रही है। सट्टा बाजार ने एनडीए को 15-18 सीटें और इंडिया ब्लॉक को 14-17 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। यहाँ कांटे की टक्कर की वजह से निर्दलीयों की भूमिका सरकार बनाने में निर्णायक साबित हो सकती है।
मुंबई सट्टा बाजार का कार्यप्रणाली काफी जटिल होती है। यहाँ भाव या रेट्स सर्वे, रैलियों और स्थानीय इनपुट के आधार पर तय किए जाते हैं। जिस पार्टी की जीत की संभावना अधिक होती है, उसका रेट कम होता है। पिछले कुछ चुनावों में सट्टा बाजार के अनुमान एग्जिट पोल्स से भी सटीक साबित हुए हैं, यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में इन आंकड़ों को लेकर भारी बेचैनी है। बुकी नेटवर्क और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पल-पल बदलते रेट्स ने चुनाव परिणामों की उत्सुकता को चरम पर पहुँचा दिया है।
कल सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली मतगणना के लिए चुनाव आयोग ने भी कमर कस ली है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट्स की गिनती होगी और उसके बाद ईवीएम (EVM) के मतों का पिटारा खुलेगा। सुबह 9 बजे से शुरुआती रुझान आने शुरू हो जाएंगे, जो दोपहर तक पूरी तस्वीर साफ कर देंगे। कल का दिन भारतीय राजनीति के लिए निर्णायक होने वाला है, जहाँ यह साफ हो जाएगा कि जनता ने सट्टा बाजार की भविष्यवाणियों पर मुहर लगाई है या फिर कोई नया ‘सरप्राइज’ दिया है।

