बलरामपुर, 03 मई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली महिलाओं और युवाओं के बीच पहुँचकर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री सबसे पहले ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समूहों से सीधा संवाद किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” का उद्घोष किया, जिससे वहाँ मौजूद महिलाओं में भारी उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कौशल विकास ही ग्रामीण भारत की नई पहचान बन रहा है।
प्रशिक्षण गतिविधियों के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘पशु सखियों’ और ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़ी महिलाओं से उनके जमीनी अनुभवों को साझा किया। ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि ‘बिहान’ योजना ने उनके जीवन में व्यापक बदलाव लाया है। पशु सखी के रूप में वे अब गाँव में पशुओं का सर्वे, प्राथमिक उपचार में सहयोग और पशुपालकों के बीच जागरूकता का कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें न केवल आय प्राप्त हो रही है बल्कि समाज में सम्मान भी बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का भी बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान ‘कोमल स्व-सहायता समूह’ की श्रीमती पूर्णिमा बासिन ने अपनी सफलता की कहानी सुनाते हुए बताया कि उन्होंने बैंक लिंकेज और सीआईएफ (CIF) ऋण की मदद से जैविक खेती को अपनाया। उन्होंने बताया कि खुशबूदार ‘जीराफूल चावल’ के उत्पादन से उन्होंने एक ही वर्ष में 3 लाख रुपये की शानदार बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए।
कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर मुख्यमंत्री ने बाल कल्याण और उत्कृष्ट पंचायत प्रशासन के लिए ग्राम पंचायत कछिया (जनपद पंचायत वाड्रफनगर) को सम्मानित किया। उन्होंने सरपंच श्रीमती खुशबू सिंह और सचिव श्रीमती सुनीता मरावी को ‘बाल हितैषी पंचायत’ श्रेणी में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शील्ड और प्रमाण पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि हमारी महिला सरपंच और सचिव बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए गाँवों में विकास की नई इबारत लिख रही हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जब ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो वे पूरे गाँव की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं। उन्होंने आरसेटी (RSETI) के कार्यों की भी प्रशंसा की, जिसके माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 युवाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा चुका है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के गाँवों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अब प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है, जो ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार के कल्याणकारी मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

