अंबिकापुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय में दो दिवसीय ‘राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों को दी जा रही आधुनिक तकनीकों की सराहना की।
विश्व वानिकी दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत साल का पौधा रोपित किया। उन्होंने आम जनता से पर्यावरण संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ‘धान का कटोरा’ है, लेकिन अब हमें तिलहन उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ‘कृषक उन्नति योजना’ की तर्ज पर अब तिलहन फसलों के लिए भी 11,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है।
धान खरीदी पर चर्चा करते हुए श्री साय ने बताया कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है और अंतर की राशि का भुगतान एकमुश्त किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पिछले दो वर्षों में उनकी सरकार ने किसानों से किया गया हर वादा समय पर पूरा किया है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि देश अभी भी अपनी जरूरत का 43 प्रतिशत खाद्य तेल आयात करता है। उन्होंने वैज्ञानिकों और किसानों से मिलकर उत्पादन बढ़ाने की अपील की और साथ ही पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाने पर जोर दिया ताकि किसानों की आय में और वृद्धि हो सके।
इस भव्य आयोजन में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

