छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित कोंडागांव जिले के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। यहां की योगिता मंडावी को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों और समाज के लिए किए गए प्रेरणादायक कार्यों के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति ने एक भव्य समारोह में योगिता को यह सम्मान प्रदान किया, जिससे पूरे राज्य में खुशी और उत्साह का माहौल है।
योगिता मंडावी ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी प्रतिभा और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। माओवाद प्रभावित क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। उनके कार्यों को बाल सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में अहम माना गया है।
इस उपलब्धि पर राज्य सरकार, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने योगिता को बधाई दी है। अधिकारियों का कहना है कि योगिता मंडावी की सफलता यह साबित करती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उनका सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

