रायपुर, 11 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज आठवां दिन है, जिसमें सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। आज के सत्र में डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री गजेंद्र यादव और लखनलाल देवांगन विधायकों द्वारा पूछे गए विभिन्न विभागीय सवालों के जवाब देंगे। विधायी कार्यों के अंतर्गत मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, लखनलाल देवांगन और लक्ष्मी राजवाड़े अपने-अपने विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण पत्रों को सदन के पटल पर रखेंगे, जबकि विधायक लखेश्वर बघेल, राघवेंद्र सिंह और हर्षिता बघेल विभिन्न जन-समस्याओं से जुड़ी याचिकाओं को प्रस्तुत करेंगे। आज की कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे संवेदनशील विषयों पर सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।
सत्र के दौरान आज सबसे प्रमुख मुद्दा आयुष्मान भारत योजना की वर्तमान स्थिति और इसके क्रियान्वयन में आ रही विसंगतियों का रहेगा। विधायक कविता प्राण लहरे आयुष्मान कार्ड से जुड़े मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगी। विपक्षी दल के सदस्यों ने अस्पतालों में कार्ड धारकों को मिलने वाले इलाज में हो रही देरी, सर्वर की तकनीकी समस्याओं और कार्ड होने के बावजूद निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों को भर्ती करने से इनकार करने जैसे गंभीर विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और आम जनता को मिल रही सुविधाओं की वास्तविकता पर आज सदन में विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
पर्यावरण के दृष्टिकोण से एक और बड़ा मुद्दा सदन में गूंजेगा, जिसमें विधायक अनुज शर्मा औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट (Chemical Waste) के अवैध निष्पादन को लेकर पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी से जवाब मांगेंगे। विशेषकर रायपुर, भिलाई और रायगढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में केमिकल वेस्ट को खुले में फेंकने से भूजल स्तर के दूषित होने पर गहरी चिंता जताई जाएगी। विधायक इस बात पर जोर देंगे कि पर्यावरण संरक्षण मंडल (ECB) के नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर अब तक क्या कठोर कार्रवाई की गई है और भविष्य में इस जहरीले कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए सरकार की क्या ठोस कार्ययोजना है।
कार्यवाही के अगले चरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। इसमें मंत्री ओपी चौधरी, रामविचार नेताम और लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों से जुड़ी मांगों के साथ-साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और नगरीय प्रशासन विभाग के बजट आवंटन पर भी बहस होगी। आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता और ‘नल-जल योजना’ की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य की कानून व्यवस्था और हालिया आपराधिक घटनाओं को लेकर भी शून्यकाल में विपक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाया जा सकता है। कुल मिलाकर, आज का पूरा सत्र सरकार की जवाबदेही और प्रदेश की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहने वाला है।

