रायपुर, 14 अप्रैल 2026: राजधानी रायपुर में आज संविधान शिल्पी भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाई गई। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊँची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस भव्य प्रतिमा का अनावरण प्रदेश में सामाजिक न्याय और बाबा साहब के प्रति गहरे सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिमा अनावरण के पश्चात आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब का जीवन केवल एक व्यक्ति की गाथा नहीं, बल्कि संघर्ष, उच्च शिक्षा और समानता का जीवंत प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के नेतृत्व में निर्मित भारतीय संविधान ने ही देश के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान और अधिकार दिलाए हैं। उनके विचार आज भी समाज को न्यायपूर्ण दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।
समाज की माँगों और स्थानीय विकास के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बड़ी घोषणा की। उन्होंने मंगल भवन, सामुदायिक भवन के निर्माण तथा विभिन्न जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि तत्काल स्वीकृत करने का एलान किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री साय ने बाबा साहब के कोलंबिया विश्वविद्यालय के संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त कर बाबा साहब ने सिद्ध कर दिया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन और सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है। इसी संवैधानिक समानता के कारण आज समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. अम्बेडकर के विजन को याद करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उस समाज की महिलाओं की स्थिति से मापी जाती है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार बाबा साहब के इसी सिद्धांत पर चलते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने रायपुर सहित पूरे प्रदेश में जयंती के उल्लास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, जनधन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं असल में बाबा साहब के ‘अंतिम व्यक्ति के उत्थान’ के सपने को साकार कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प बाबा साहब के आदर्शों पर ही आधारित है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके विचारों को केवल प्रतिमाओं तक सीमित न रखकर अपने आचरण में उतारें। उन्होंने सभी से सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री के साथ कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक श्री किरण सिंह देव विशेष रूप से उपस्थित थे। साथ ही महापौर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक सर्वश्री पुरंदर मिश्रा व अनुज शर्मा, और विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षों सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और जनसमूह उपस्थित रहा।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में भी बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की थी। वहां आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव और विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बाबा साहब के शोषित वर्गों के प्रति समर्पण को याद किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

