रायपुर, 20 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर (Cess) पूरी तरह समाप्त हो गया है।
आम आदमी की जेब पर घटेगा बोझ
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सदन में विधेयक पेश करते हुए बताया कि इस निर्णय से किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों और संपत्ति के कारोबार से जुड़े लाखों लोगों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।
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बड़ी बचत: अब 1 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य वाली संपत्ति की रजिस्ट्री पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी।
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सरल प्रक्रिया: रजिस्ट्री अब कम खर्चीली होने के साथ-साथ अधिक सुलभ और पारदर्शी बनेगी।
क्यों हटाया गया उपकर?
मंत्री श्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन’ और ‘राजीवा गांधी मितान क्लब’ के वित्तपोषण के लिए यह उपकर लगाया था। चूंकि वर्तमान में मितान क्लब योजना संचालित नहीं है और रोजगार योजनाओं का खर्च राज्य के सामान्य बजट से वहन किया जा रहा है, इसलिए इस ‘अनावश्यक’ कर को जारी रखना जनहित में नहीं था। इस फैसले से सरकार को सालाना लगभग 150 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि होगी, लेकिन इसका पूरा लाभ जनता को मिलेगा।
पंजीयन विभाग में हुए अन्य बड़े सुधार:
विधेयक पर चर्चा के दौरान मंत्री ने विभाग द्वारा किए गए अन्य क्रांतिकारी बदलावों का भी जिक्र किया:
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स्वतः नामांतरण (Auto-Mutation): मई 2025 से अब तक 1.5 लाख दस्तावेजों का स्वतः नामांतरण हो चुका है, जिससे महीनों की भागदौड़ खत्म हुई है।
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पारिवारिक रियायत: परिवार के भीतर दान, बंटवारा या हक-त्याग की रजिस्ट्री पर अब बाजार मूल्य का 0.8% शुल्क नहीं, बल्कि मात्र 500 रुपये लगेंगे।
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गाइडलाइन मूल्य पर आधारित शुल्क: अब शुल्क आपसी लेनदेन की कीमत के बजाय सिर्फ गाइडलाइन मूल्य पर लगेगा, जिससे सरकार ने 170 करोड़ रुपये का राजस्व त्यागा है।
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स्मार्ट ऑफिस और ऐप: ‘सुगम’ मोबाइल ऐप और आधार आधारित सत्यापन से धोखाधड़ी रुकेगी। साथ ही 10 पंजीयन कार्यालयों को वीजा ऑफिस की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त ‘स्मार्ट ऑफिस’ बनाया जा रहा है।
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क्षेत्रफल मूल्यांकन में बदलाव: शहरों में फ्लैट का मूल्यांकन अब ‘सुपर बिल्ट-अप’ के बजाय केवल ‘बिल्ट-अप एरिया’ पर होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर के बजाय हेक्टेयर दर से मूल्यांकन होगा, जिससे किसानों को 300-400 करोड़ का लाभ मिलेगा।
“हमारी सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन को सरल और सम्मानजनक बनाना है। इन सभी सुधारों से छत्तीसगढ़ की जनता को प्रति वर्ष लगभग 460 करोड़ रुपये का सीधा लाभ होगा।”
— श्री ओ.पी. चौधरी, वाणिज्यिक कर मंत्री
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को सुशासन की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला उन लाखों परिवारों के सपनों का सम्मान है जो अपनी मेहनत की कमाई से अपना घर बनाना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस रियायत से राज्य में आर्थिक गतिविधियों और संपत्ति पंजीयन में तेजी आएगी।

