रायपुर, 29 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और रोजगार के अवसरों को विस्तार देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण’ (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। उन्होंने राज्य की रणनीति को ग्रामीण विकास के प्रति एक मिसाल बताया है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ सरकार की उस कार्यशैली को रेखांकित किया है, जिसके माध्यम से योजनाओं के प्रावधानों को सीधे ग्राम स्तर तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई सुविचारित और व्यापक पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह ग्रामीण आबादी के जीवन स्तर को सुधारने के प्रति राज्य की गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है। यह समन्वय केंद्र और राज्य के साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के नवाचारों का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने ग्राम चौपालों और ग्राम सभाओं के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सूचना तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया और पारंपरिक जन-संवाद का बेहतरीन मिश्रण तैयार कर राज्य ने एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान छेड़ा है। इससे योजनाओं की जानकारी उन लोगों तक भी पहुँच रही है, जो अब तक सूचना के अभाव में सरकारी लाभों से वंचित रह जाते थे।
इस सराहना पत्र में सबसे महत्वपूर्ण उल्लेख प्रत्येक ग्राम पंचायत में QR कोड स्थापना की पहल का रहा। केंद्रीय मंत्री ने इसे एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि यह डिजिटल नवाचार पारदर्शिता और मॉनिटरिंग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। अब आम नागरिक केवल स्कैन करके योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, बल्कि शासन के कार्यों में जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ की भौगोलिक और सामाजिक संरचना को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने वन क्षेत्रों और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PVGT) के विकास पर दिए जा रहे ध्यान को सराहा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच स्थापित किया गया प्रभावी समन्वय यह सुनिश्चित कर रहा है कि विकास का लाभ दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँचे। यह समावेशी दृष्टिकोण राज्य के सतत विकास की अवधारणा को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राज्य के बेहतर प्रदर्शन का एक बड़ा पुरस्कार ‘श्रम बजट’ में भारी बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत छत्तीसगढ़ के श्रम बजट को 850 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1250 लाख मानव-दिवस कर दिया गया है। लक्ष्य में यह भारी वृद्धि राज्य में रोजगार सृजन की बढ़ती मांग और कार्य करने की क्षमता पर केंद्र के भरोसे को दर्शाती है।
श्री चौहान ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रशासन इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करता रहेगा। उन्होंने पत्र के अंत में जोर देकर कहा कि रोजगार और आजीविका सृजन की यह नई गति न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त कर उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह सराहना और बजट में की गई वृद्धि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिदृश्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। राज्य सरकार की रणनीतिक पहलों और तकनीकी नवाचारों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में एक अग्रणी राज्य की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

