कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घड़ी करीब आते ही राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जीत को लेकर भारी आत्मविश्वास दिखाया है। काउंटिंग एजेंट्स के साथ एक वर्चुअल मीटिंग में उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार 200 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने एग्जिट पोल के तमाम अनुमानों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें केवल ‘स्टॉक मार्केट में हेरफेर’ करने की एक साजिश करार दिया है।
ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि विपक्षी दल और कुछ एजेंसियां मिलकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी बंगाल के लोगों के सामने झूठ बोल रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि एग्जिट पोल का हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है और इनका मुख्य उद्देश्य केवल शेयर बाजार को कृत्रिम रूप से बचाना है। ममता ने जोर देकर कहा कि इस बार भी “खेला होगा” और टीएमसी एक बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी।
मुख्यमंत्री ने मतगणना के दिन के लिए बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने काउंटिंग एजेंट्स को सचेत किया कि वे मतगणना केंद्रों पर सुबह 5 बजे ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और सबसे आगे की कतार में बैठें। उन्होंने खासतौर पर आगाह किया कि किसी भी परिस्थिति में दोपहर 2 बजे से पहले सेंटर न छोड़ें। ममता ने कहा कि यदि किसी सीट पर हार-जीत का अंतर केवल 200-300 वोटों का हो, तो वहां तुरंत ‘री-काउंटिंग’ की मांग की जाए।
सुरक्षा के लिहाज से ममता बनर्जी ने अपने एजेंट्स को बाहर का खाना खाने से भी मना किया है। उन्होंने हिदायत दी कि एजेंट अपने घर से ही हल्का लंच लेकर जाएं और बाहर का पान या जर्दा बिल्कुल न लें, क्योंकि उन्हें डर है कि खाने-पीने की चीजों में कुछ मिलाया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम से मशीनें लाते समय हेराफेरी की संभावना रहती है, इसलिए मशीन के सेंटर तक पहुँचने तक कड़ी निगरानी रखी जाए।
इस दौरान अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को तकनीकी रूप से सक्षम रहने की सलाह दी। उन्होंने मशीनों की जांच के लिए ‘बैटरी फॉर्मूला’ बताया। अभिषेक के अनुसार, यदि काउंटिंग टेबल पर लाई गई मशीन की बैटरी 70 प्रतिशत से अधिक दिखती है, तो तुरंत वीवीपैट (VVPAT) मिलान की मांग की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि पूरे दिन की वोटिंग के बाद मशीन की बैटरी 50 प्रतिशत के आसपास होनी चाहिए, और अधिक बैटरी का मतलब मशीन बदले जाने का संकेत हो सकता है।
अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को फॉर्म 17C के साथ मशीन के सीरियल नंबर का मिलान करने का प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि डेटा एंट्री के दौरान कोई भी त्रुटि पाई जाती है, तो एजेंट को रूल 56 के तहत तुरंत रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित शिकायत देनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर मशीन के वोटों का रिकॉर्ड एक डायरी में रखने को कहा, ताकि चुनाव आयोग के डेटा और पार्टी के आंकड़ों में कोई विसंगति न रहे।
राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय बलों (CAPF) की भूमिका पर भी तीखे प्रहार किए गए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ क्रूरता की है। उन्होंने घोषणा की कि चुनाव बाद पार्टी उन कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सम्मानित और पुरस्कृत करेगी जिन्होंने इन विपरीत परिस्थितियों का डटकर सामना किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अंतिम समय तक डटे रहने की अपील की।
अभिषेक बनर्जी ने नंदीग्राम की पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं को “झंडा और डंडा” दोनों साथ रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनके लोगों पर हमला करता है, तो उसका करारा जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कमजोर सीटों और काउंटिंग सेंटर्स के बाहर भारी संख्या में कार्यकर्ताओं (छात्र, युवा और महिला विंग) को तैनात रहने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
अंत में, ममता बनर्जी ने अपने एजेंट्स से कहा कि जब तक प्रत्याशी को जीत का सर्टिफिकेट न मिल जाए, वे केंद्र से बाहर न निकलें। उन्होंने इसे “2026 की लड़ाई” का आधार बताते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल बीजेपी के खिलाफ नहीं, बल्कि उन सभी संस्थाओं के खिलाफ है जो निष्पक्षता से भटक गई हैं। टीएमसी के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि मतगणना के दिन बंगाल में भारी गहमागहमी रहने वाली है।

