पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर में मतगणना से ठीक पहले माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। रविवार, 3 मई 2026 को बिधाननगर कॉलेज स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। जैसे-जैसे मतगणना का समय नजदीक आ रहा है, दोनों दलों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता सड़क पर हिंसा के रूप में दिखाई देने लगी है, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब दोनों पक्षों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर जमा होने लगे। देखते ही देखते शांतिपूर्ण नारेबाजी तीखी बहस में बदल गई और कुछ ही पलों में दोनों गुटों के बीच हाथापाई और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर आगामी मतगणना में धांधली करने की योजना बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए।
झड़प का तात्कालिक कारण शिविरों पर कब्जे को लेकर बताया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने आधिकारिक रूप से आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए बीजेपी द्वारा मतगणना केंद्र के बाहर बनाए गए सहायता शिविरों पर हमला किया। बीजेपी का दावा है कि टीएमसी समर्थकों ने उनके कैंपों में लगे झंडे हटा दिए और वहां जबरन अपनी पार्टी के झंडे और बैनर लगा दिए, जिसका विरोध करने पर मारपीट शुरू हुई।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि बीजेपी हार के डर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही तृणमूल ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि मौके पर मौजूद केंद्रीय बलों ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए केवल टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया और उन पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया, जिसमें कई समर्थक घायल हुए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिधाननगर पुलिस और केंद्रीय बलों की भारी टुकड़ी ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों ने उपद्रव कर रहे समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को एक-दूसरे से दूर किया जा सका। भविष्य में ऐसी झड़प दोबारा न हो, इसके लिए पुलिस ने अब दोनों गुटों के बीच लोहे के ऊंचे बैरिकेड्स लगा दिए हैं और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर हलचल तेज है। मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस बीच अपने मतगणना एजेंटों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने शनिवार को ही निर्देश जारी किए थे कि जहां भी बीजेपी की बढ़त का अंतर 500 से 700 वोटों के आसपास हो, वहां हमारे एजेंटों को तुरंत और बिना किसी हिचकिचाहट के पुनर्गणना (Recounting) की मांग उठानी चाहिए। इस बयान के बाद से ही मतगणना केंद्रों पर तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।
प्रशासन ने अब किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास न केवल सुरक्षा बढ़ा दी गई है, बल्कि पूरे बिधाननगर क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मतगणना के दिन और उसके बाद किसी भी प्रकार के पटाखे फोड़ने, विजय जुलूस निकालने या भीड़ इकट्ठा करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल, बिधाननगर कॉलेज के बाहर की स्थिति नियंत्रण में तो है, लेकिन वहां गहरी खामोशी और तनाव व्याप्त है। दोनों पार्टियों के शीर्ष नेता अपने कार्यकर्ताओं को शांत रहने की हिदायत दे रहे हैं, लेकिन जमीन पर मौजूद समर्थकों के बीच का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है। सभी की निगाहें अब कल होने वाली मतगणना और प्रशासन की मुस्तैदी पर टिकी हैं कि क्या शांतिपूर्ण तरीके से परिणामों की घोषणा हो पाएगी।

