स्पेन की राजधानी मैड्रिड के पास उरदा (टोलेडो प्रांत) इलाके में एक भीषण ट्रेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो हाई-स्पीड ट्रेनें आपस में टकरा गईं, जिसके परिणामस्वरूप 68 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि राहत और बचाव कार्य के दौरान मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका लगातार बनी रही।
प्रारंभिक जांच और रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भयानक टक्कर सिग्नल व्यवस्था में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई। एक लाल सिग्नल पर रुकी हुई निजी ऑपरेटर ‘इर्यो’ (Iryo) की ट्रेन को पीछे से आ रही सरकारी कंपनी ‘रेनफे’ (Renfe) की हाई-स्पीड ट्रेन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे पटरी से उतरकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस बड़ी रेल त्रासदी के सामने आने के बाद देश भर की जनता में भारी आक्रोश फैल गया। लोग इस बात से बेहद नाराज थे कि लगातार आधुनिक और सुरक्षित कहे जाने वाले रेल नेटवर्क में ऐसी लापरवाही कैसे हुई। जनता का यह गुस्सा जल्द ही सड़कों पर उतर आया और राजधानी मैड्रिड में परिवहन मंत्रालय के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों का हुजूम इकट्ठा हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने देश के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। भीड़ का आरोप था कि सरकार इस गंभीर दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेने से बच रही है और अपनी नाकामी छिपाने के लिए केवल रेलवे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब हिंसक हो गई जब कुछ उत्तेजित प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों पर बोतलें, आतिशबाजी (पटाखे) और जलते हुए फ्लेयर्स फेंकने शुरू कर दिए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को भी सख्ती बरतनी पड़ी और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के साथ लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
इस दुखद घटना के बाद स्पेन की सरकार ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए देश भर में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय और स्वतंत्र न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न दोहराई जा सके।

