सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, देश में फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाने और एलपीजी सब्सिडी के दुरुपयोग को पूरी तरह से समाप्त करने की दिशा में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अंतर्गत, 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग के लिए बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) को अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश भर में पहले ही करीब 89.9% यानी लगभग 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता यह बायोमीट्रिक सत्यापन पूरा कर चुके हैं। जिन ग्राहकों ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें किसी भी तरह की अतिरिक्त औपचारिकता या दोबारा सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं है, और वे सुचारू रूप से सब्सिडी का लाभ प्राप्त करते रहेंगे।
यदि किसी उपभोक्ता ने अभी तक अपना बायोमीट्रिक सत्यापन पूरा नहीं कराया है, तो वे एलपीजी सिलिंडर तो प्राप्त कर सकेंगे, लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को बिना सब्सिडी वाले बाजार मूल्य पर सिलिंडर खरीदना होगा। हालांकि, वे तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के डिजिटल चैनलों के माध्यम से बिना सब्सिडी वाले विकल्प चुन सकते हैं और आगे चलकर सत्यापन पूरा कर सब्सिडी की पात्रता दोबारा हासिल कर सकते हैं।
ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने सत्यापन की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। उपभोक्ता तीन प्रमुख तरीकों से यह प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं। पहला तरीका यह है कि जब गैस डिलीवरी पर्सन आपके घर सिलिंडर लेकर आए, तो उनके मोबाइल ऐप के जरिए बायोमीट्रिक सत्यापन किया जा सकता है। दूसरा विकल्प यह है कि उपभोक्ता अपने नजदीकी एलपीजी वितरक के शोरूम पर स्वयं जाकर यह प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं।
इसके अलावा, घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए भी यह प्रक्रिया संभव बनाई गई है। इंडेन गैस के उपभोक्ता ‘IndianOil ONE’ ऐप का उपयोग कर सकते हैं, भारत गैस के ग्राहक ‘HelloBPCL’ ऐप की मदद ले सकते हैं, और एचपी गैस के उपभोक्ता ‘HP PAY’ ऐप के जरिए आसानी से अपना प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं। सरकार के इस दूरदर्शी कदम से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि घरेलू सिलिंडरों के व्यावसायिक या औद्योगिक दुरुपयोग पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।

