भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और देश की पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण प्रवास पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंच चुकी हैं। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा है, जिसके चलते राज्य के राजनीतिक गलियारों और पार्टी संगठन में काफी सरगर्मी देखने को मिल रही है।
इस दो दिवसीय दौरे के दौरान भाजपा संगठन में बैठकों का एक भारी और मैराथन दौर शुरू हो चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्मृति ईरानी इन दो दिनों में कुल 12 अहम और हाई-प्रोफाइल बैठकें करने वाली हैं। इन बैठकों के माध्यम से पार्टी संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक रणनीतियों और सरकारी कामकाज की गहन समीक्षा की जा रही है।
दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के साथ हुई। इसके तुरंत बाद ही बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया, जिसमें जिला प्रभारियों, संभाग प्रभारियों, पूर्व सांसदों-विधायकों, और भाजपा कोर ग्रुप के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग सत्रों में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस प्रवास का सबसे मुख्य आकर्षण राज्य के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के कामकाज की समीक्षा है। दौरे के अगले चरण में स्मृति ईरानी राज्य मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों के साथ विशेष बैठक करेंगी। इस दौरान मंत्रियों से उनके-उनके विभागों के कामकाज, जनहितकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और तय किए गए लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी।
संगठन और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य माना जा रहा है। इसके साथ ही, पार्टी के अंदरूनी कामकाज, बूथ स्तर की मजबूती और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए नेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। पिछले चुनावों में हारी हुई सीटों पर भी विशेष रूप से मंथन किया जा रहा है।
स्मृति ईरानी के इस कड़े और अनुशासित राजनीतिक तेवर से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में खासा उत्साह और सक्रियता नजर आ रही है। संगठन के पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि पार्टी की प्राथमिकताओं और जनता से किए गए वादों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर, स्मृति ईरानी का यह छत्तीसगढ़ दौरा आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक दिशा तय करने की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाली इन मैराथन बैठकों के जरिए भाजपा आगामी चुनावों और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपनी कार्ययोजना को और अधिक धार दे रही है।

